यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आप जींस तो पहनते हैं लेकिन इसके बारे में ये बात नहीं जानते होंगे!
रोजाना लोग जींस तो पहनते हैं लेकिन वे जींस के बारे में वो बातें नहीं जानते जो बहुत ही जरूरी हैं। तो हम आपको बताते हैं ऐसी बात जो जींस के बारे में आप न ...और पढ़ें

आजकल की लाइफस्टाइल में जींस की एक अलग ही जगह है। फिर चाहे आप टाइट फिट जींस पहनें या लूज फिट या क्लासिक लेकिन जींस आज के युवाओं की पहली पसंद है। दुनिया में बहुत कुछ बदला लेकिन अगर कुछ नहीं बदला तो जींस का स्टाइल। पिछले 150 सालों से जींस का बेसिक स्टाइल बिल्कुल नहीं बदला है।
पढ़ें- कोहिनूर ही नहीं, ब्रिटेन में मौजूद इन चार ऐतिहासिक धरोहरों पर भी भारत का दावा है
रोजाना लोग जींस तो पहनते हैं लेकिन वे जींस की जेब में मौजूद छोटे बटन की मौजूदगी का कारण नहीं समझ पाते हैं। जेब के दोनों साइड पर मौजूद इन छोटे बटनों का भी एक इतिहास है और ये बटन बस यूं ही शो पीस के लिए नहीं लगाए गए हैं इसके पीछे भी एक बहुत बड़ा सत्य है।
पढ़ें- ये कैसा कानून? इस देश की सरकार लड़कियों को अंडरगार्मेंट्स नहीं पहनने देती
बताया जाता है कि कई दशकों पहले अमेरिका में जींस पहनने की शुरुआत हुई थी। यहां के मिलों, फैक्ट्रियों, खदानों में काम करने वाले मजदूर जींस पहना करते थे। जब ये मजदूर जींस पहनकर काम करते थे तो ज्यादा मेहनत करने की वजह से उनकी जेबें फट या उनकी सिलाई खुल जाया करती थीं।

मजदूरों की इसी समस्या के चलते अमेरिका में रहने वाले एक दर्जी जैकब डेविस के मन में ख्याल आया कि अगर जेबों के दोनों ओर छोटे बटन लगा दिए जाएं तो उन्हें फटने से रोका जा सकता है।
पढ़ें- खेलने-कूदने की उम्र में ये बच्चा बन गया करोड़पति, जानिए कैसे?
जैकब जींस निर्माता कंपनी लेवी स्ट्रॉस के ग्राहक भी थे। जींस की जेबों में बटन लगाने के बाद साल 1870 में जैकब ने इसे पेटेंट कराने का प्रयास किया। पेटेंट कराने के लिए लगने वाली बड़ी राशि न होने की वजह से उन्होंने लेवी कंपनी से तीन साल बाद एक डील कर ली।
खबरें और भी
20 मई, 1873 को हुई इस डील के अंतर्गत लेवी कंपनी ने पेटेंट के सारे रुपये भरे और खुद के नाम पर पेटेंट करवा लिया।
रोचक, रोमांचक और जरा हटके खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें