यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हमारे शरीर से होठों का रंग अलग होता है लेकिन क्यों, यहां पता चलेगा
आपने कभी गौर किया है कि हमारे शरीर से होठों का रंग अलग होता है, लेकिन ऐसा क्यों होता है ये नहीं पता होगा...तो हम बता तो रहे हैं भाई पढ़िए इसे।

क्या आपको पता है आपके शरीर का ऐसा अंग जिसके बिना आप अपने प्यार का इज़हार नहीं कर सकते हैं? जी हां हम आपके होठों की बात कर रहे हैं। आप होठों को मिलाए बिना अक्षर ‘P’ नहीं बोल सकते हैं। हमें पता है आप कोशिश भी कर रहे होंगे। आप वो मछली की तरह फनी फेस बनाते हैं न, तो होठों के बिना वो भी नहीं बना पाएंगे।
होठों के बारे में एक खास बात ये है कि इसका कलर बॉडी के कलर से बहुत ही अलग होता है। आप ये भी सोच रहे होंगे कि शरीर के और भी कई अंग ऐसे हैं जिनका कलर बॉडी के कलर से अलग होता है। तो फ़िलहाल हम होंठ की बात कर रहे हैं। आइये देखते हैं ऐसा क्यों होता है।
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क्या आपको पता है कि आपके स्किन की जो बाहरी परत है उसे ‘Epidermis’ और भीतरी परत को ‘Dermis’ कहते हैं। Epidermis में एक और परत होती है जिसे ‘Stratum corneum’ कहते हैं। इस परत का काम आपकी स्किन का बचाव करना होता है। यह बात तो स्किन की हो गयी अब देखते हैं होंठों में क्या होता है।
होंठों में भी यही तीन परतें होती हैं पर ‘Stratum corneum’ की परत स्किन में जितनी मोटी होती है, होठों में उतनी मोटी नहीं होती है। हम ये भी कह सकते हैं कि होंठों में यह परत बहुत ही पतली होती है। जिससे होठों का रंग शरीर के रंग से अलग होता है।

