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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोयले की खदानों में काम करेंगे ओलंपिक में पदक नहीं जीतने वाले खिलाड़ी!

By kishor joshiEdited By:
Updated: Thu, 25 Aug 2016 06:48 PM (IST)

उत्तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग ओलंपिक में मेडल नहीं जीतने वाले खिलाड़ियों से कोयले की खदान में काम करवा सकता है।

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प्योंगयांग। अपने सनकी मिजाज के लिए मशहूर उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग ने रियो ओलपिंग के लिए अपने खिलाड़ियों को 5 गोल्ड सहित 17 पदकों का लक्ष्य दिया था और इससे कम पदक आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।

लेकिन इस तानाशाह की चेतावनी के बाद भी उत्तर कोरिया की ओलंपिक टीम 2 गोल्ड, 3 रजत और 2 कांस्य पदक सहित केवल 7 ही पदक जीत सकी। ओलंपिक में गए एथलीटों को अब इस बात का डर है कि उनकी जिंदगी कहीं अब नर्क ना बन जाए।

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डेली स्टार से बात करते हुए एक विशेषज्ञ ने जानकारी दी, "जिन खिलाड़ियों ने पदक जीता है उन्हें अच्छे घर दिए जाएंगे और इसके अलावा उन्हें बेहतर राशन, कार और गिफ्ट भी दिए जाएंगे। लेकिन जो पदक नहीं ला सके हैं उनसे किम जोंग बहुत गुस्सा है।"

पदक नहीं जीतने वाले खिलाड़ियों को दंडित किया जाएगा। उन्हें बेकार पड़े घरों में शिफ्ट किया जा सकता है इसके अलावा उनके राशन में कटौती करने करने के साथ-साथ उन्हें काम करने के लिए दंड के तौर पर कोयले की खदानों में भेजा जा सकता है। राशन कार्ड छीनने से उनके भूखे मरने की भी नौबत आ सकती है क्योंकि उत्तर कोरिया में राशन सिर्फ सरकारी दुकानों पर मिलता है।

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किम जोंग इसलिए भी ज्यादा गुस्से है क्योंकि उसके दुश्मन देश दक्षिण कोरिया ने ओलंपिक में 21 पदक हासिल किए हैं। इससे पहले जोंग ने 2010 में फुटबॉल वर्ल्ड कप में पुर्तगाल की टीम से हारने पर उत्तर कोरिया के खिलाड़ियों से कोयले की खदान में मजदूरी करवाई और फिर ठंड में तड़पने के लिए छोड़ दिया था।