यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रूस में विमान हादसा, 2 भारतीयों समेत 62 की मौत
रूस के रोस्तोव-ऑन-डॉन में लैंडिंग के समय खराब मौसम के चलते फ्लाईदुबई बोइंग 737 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

रोस्तोव-ऑन-डॉन (रूस)। दक्षिणी रूस के रोस्तोव-ऑन-डॉन में लैंडिंग के समय खराब मौसम के चलते फ्लाईदुबई बोइंग 737 विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में दो भारतीयों समेत विमान में सवार सभी 62 लोगों की मौत हो गई।
रूस के आपात मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि मारे गए लोगों में 2 भारतीय अंजू कथिरवेल अय्प्पन और मोहन श्याम हैं। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्नितला ने बताया कि यह दंपती केरल के एरनाकुलम जिले के पेरुमबेवूर के वेनगोला गांव के रहने वाले हैं। यह दोनों वेनगोला में दो महीने की छुट्टी मनाने के बाद गत शुक्रवार को ही रूस के लिए रवाना हुए थे।
वह रूस के एक आयुर्वेदिक रिसार्ट में काम करते थे। मारे गए अन्य लोगों में 44 रूसी, 8 यूक्रेन और एक उज्बेकिस्तान का नागरिक है। विमान में सवार लोगों में 55 यात्री और सात चालक दल के सदस्य थे। मारे गए लोगों में 33 महिलाएं, 18 पुरुष और चार बच्चे शामिल हैं।
हादसे की जांच कर रहे दल के प्रवक्ता व्लादिमीर मार्किन के अनुसार हादसा शनिवार को सुबह 6.20 बजे हुआ। विमान दुबई से शुक्रवार की रात 11.50 बजे रवाना हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम की वजह से यह विमान लैंड करने के लिए रोस्तोव-ऑन-डोन के आकाश पर दो घंटे से मंडरा रहा था। बारिश और तेज हवाओं के चलते लैंडिंग की अनुमति नहीं मिल रही थी।
कई विमान रोस्तोव-ऑन-डोन से 300 किमी दूर क्रास्नोडार एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिए गए। लेकिन दो घंटे की कोशिशों के बाद दुबई के इस बोइंग को लैंडिंग का दूसरा मौका मिलने पर यात्री विमान रनवे को पीछे छोड़ते हुए अपना संतुलन खो बैठा और रोस्तोव-ऑन-डोन में एयरपोर्ट के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
मलबा डेढ़ किमी तक फैला
फ्लाई दुबई एयरलाइंस के इस विमान को आसमान में एक आग का गोले की तरह नीचे गिरते देखा गया। विमान के जमीन पर गिरते ही भीषण धमाका हुआ और मलबा दुर्घटनास्थल पर 1.5 किलोमीटर तक फैला गया। वहां लगी आग को अग्निशमन दल को बुझाने में एक घंटा लगा। एयरलाइंस का कहना है कि हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के वह संपर्क में हैं और उनकी हरसंभव मदद करने की कोशिश कर रहे हैं।
विमान का ब्लैक बॉक्स मिला
रूस के आपात मंत्रालय के अनुसार घटनास्थल पर 700 से अधिक बचाव कर्मी और सौ वाहन तैनात किए गए हैं। यह सभी तेज हवाओं और छिटपुट बर्फबारी के बावजूद घटनास्थल की सघन जांच कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने विमान के एक ब्लैक बॉक्स के मिलने की पुष्टि की है।
विशेषज्ञों को काकपिट की बातचीत का रिकार्डर मिला है। दूसरे रिकार्डर की तलाश जारी है जिसमें विमान की उड़ान का ब्योरा दर्ज होता है। हादसे के आधिकारिक कारणों की अभी घोषणा नहीं हुई है लेकिन माना जा रहा है कि तेज हवाओं के चलते ही यह हादसा हुआ।
आतंकी हमले की आशंका से इन्कार
दुबई। फ्लाईदुबई एयरलाइंस ने उनके विमान के आतंकवाद का शिकार होने की आशंका को खारिज कर दिया है। दुबई की इस एयरलाइंस के प्रमुख गैथ अल गैथ ने बताया कि साइप्रस के पायलट और स्पेन के को-पायलट को 6 हजार घंटे की उड़ान का अनुभव था। चालक दल के अन्य पांच सदस्य स्पेन, रूस, सेशेल्स, कोलंबिया और किर्गिस्तान के थे।
विश्व के सबसे बड़े विमान हादसे
583 की मौत
1977 में दो बोइंग 747 (केएलएम व पैन एम) टेनेरिफ (स्पेन) में रनवे पर टकराए। यह इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी(कमर्शियल एविएशन)मानी जाती है।
520 मरे
1985 में जापान एयरलाइंस का विमान बोइंग 747 तकनीकी खराबी से माउंट ओसुतका पर गिरा
349 की मृत्यु
1996 में भारत के हरियाणा राज्य में सऊदी अरब के बोइंग 747 और कजाखस्तान के इल्यूशिन-76 के बीच आकाश में टक्कर हुई।
346 मौतें
1974 में तुर्की एयरलाइंस के विमान डगलस डीसी- 10 का फ्रांस के आसमान में दरवाजा खुल गया था।
301 की मृत्यु
1980 में सऊदी अरब में रनवे पर विमान एल-1011 में आग लग गई।
273 मरे
अमेरिका में शिकागो में अमेरिकन एयरलाइंस के विमान मैक्डोनेल- डगलस डीसी-10 का उड़ान भरते ही इंजन फेल हो गया।
265 की मौत
2001 में न्यूयार्क सिटी में एयरबस ए- 320 की टेलफिन उलझने से विमान ध्वस्त हो गया
264 मरे
1994 में जापान के नागोया एयरपोर्ट पर चीनी एयरलाइंस की एयरबस ए-300 पायलट की गलती से लैंडिंग करते समय हादसे की शिकार।
261 की मौत
1991 में नाइजीरिया एयरवेज का चार्टर्ड विमान डीसी-8-61 सऊदी अरब में उड़ान भरते वक्त दुर्घटनाग्रस्त।
257 मरे
1979 में एयर न्यूजीलैंड का विमान मैक्डोनेल- डगलस डीसी-10 अंटाकर्टिका में दुर्घटना का शिकार।

