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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुंबई हमले में पाकिस्तानी गवाहों ने पेश किए सुबूत

By Rajesh NiranjanEdited By:
Updated: Thu, 20 Nov 2014 03:04 AM (IST)

मुंबई पर छह साल पहले हुए आतंकी हमले के सिलसिले में बुधवार को अभियोजन पक्ष ने लाहौर के आतंकरोधी कोर्ट में तीन गवाहों को पेश किया। गवाहों में हमले के दौरान मारा गया आतंकी इमरान बाबर के स्कूल का अध्यापक और एक बैंक अधिकारी के अलावा सिंध प्रांत के बदीन

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लाहौर। मुंबई पर छह साल पहले हुए आतंकी हमले के सिलसिले में बुधवार को अभियोजन पक्ष ने लाहौर के आतंकरोधी कोर्ट में तीन गवाहों को पेश किया।

गवाहों में हमले के दौरान मारा गया आतंकी इमरान बाबर के स्कूल का अध्यापक और एक बैंक अधिकारी के अलावा सिंध प्रांत के बदीन में स्थित जमात-उद-दावा के सेंटर का एक सिक्योरिटी गार्ड शामिल था। तीनों ने हमलावरों से जुड़े सुबूत अदालत में पेश किए। बचाव पक्ष की ओर से तीनों से जिरह भी की गई।

गौरतलब है किनवंबर, 2008 में मुंबई पर दस पाकिस्तानी आतंकियों ने हमला किया था, जिसमें नौ मारे गए थे, जबकि अजमल कसाब जिंदा पकड़ा गया था। लाहौर के आतंकरोधी कोर्ट में इसकी सुनवाई चल रही है। सूत्र बताते हैं कि बुधवार को सुनवाई के दौरान मुल्तान के रहने वाले अध्यापक ने बाबर के स्कूल रिकार्ड को कोर्ट में पेश किया।

इसके अलावा गवाही के लिए कोर्ट में हाजिर हुए मुल्तान के ही एक बैंक अधिकारी ने 81 हजार रुपये के लेनदेन का ब्योरा दिया, जिसे मुंबई हमले के एक अन्य अभियुक्त यूनुस अंजुम ने बैंक से निकाला था।

यूनुस इस वक्त लश्कर प्रमुख जकीउर रहमान लखवी, अब्दुल वाजिद मजहर इकबाल और शाहिद जमील रियाज समेत कुछ अन्य लोगों के साथ मुंबई पर हमले की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद है। कोर्ट ने 3 दिसंबर तक के लिए सुनवाई स्थगित कर दी है।

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