यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
छह करोड़ साल पहले से है एड्स का वायरस
जानलेवा बीमारी एड्स को लेकर नई जानकारी सामने आई है।

लंदन। जानलेवा बीमारी एड्स को लेकर नई जानकारी सामने आई है। ताजा शोध के मुताबिक मनुष्यों में एड्स का कारण बनने वाले वायरस दुनिया में करीब छह करोड़ साल पहले से हैं। एड्स से कारगर तरीके से निपटने के लिए वैज्ञानिक इसकी उत्पत्ति को समझने का प्रयास कर रहे हैं।
अब से पहले खरगोश, लीमर (बंदरों की प्रजाति) और फेरेट (बिल्ली की प्रजाति) में लेंटीवायरस के 30 लाख से 1.2 करोड़ साल पुराने प्रमाण मिले थे। चेक गणराज्य स्थित जेच एकेडमी ऑफ साइंसेज के डेनियल एलेडर की अगुआई में शोधकर्ताओं ने इस वायरस के करीब छह करोड़ साल पुराने प्रमाण को खोजा है। लीमर के तीन डीएनए सैंपल में इस वायरस के प्रमाण मिले हैं।
एलेडर ने कहा, "उम्मीद करते हैं कि इस खोज से वायरस पर शोध करने वालों को मदद मिलेगी। वे इस बात को समझ सकेंगे कि इस वायरस ने कैसे खुद को विकसित किया।" इस शोध को मॉलीक्युलर बायोलॉजी एंड इवोल्यूशन जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

