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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बांग्लादेश ने मांगी विवादास्पद उपदेशक जाकिर नाइक पर कार्रवाई की जानकारी

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Fri, 19 Aug 2016 07:32 PM (IST)

इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाइक के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बांग्लादेश ने भारत सरकार से जानकारी मांगी है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र: बांग्लादेश ने इस्लामी धर्म प्रचारक जाकिर नाइक के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भारत से जानकारी मांगी है। बांग्लादेश का कहना है कि होली अर्टिजन रेस्त्रां पर हमले के काफी पहले से कई प्रमुख उलमा उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

भारत की छह दिवसीय यात्रा पर आए बांग्लादेशी सूचना मंत्री हसनउल हक ईनू ने शुक्रवार को कहा कि बांग्लादेश में उपजे आतंकवाद और भारत में चरमपंथी संगठनों के बीच संपर्क का कोई साक्ष्य नहीं है। साथ ही उन्होंने आतंकवाद को प्रश्रय देने के लिए पाकिस्तान की आलोचना भी की।

उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में सूफी आस्था वाले 43 से ज्यादा विचारकों, ब्लॉगर्स और लोगों पर हमले हुए हैं और इस तरह के 90 फीसद मामलों में हमलावर जमात-ए-इस्लामी से जुड़े थे। उन्होंने बताया कि यह वो संगठन है जो 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान पाकिस्तानी सेना के साथ था।

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ईनू ने कहा, 'बांग्लादेश की ओर से जाकिर नाइक का मामला खत्म हो गया है। पीस टीवी का प्रसारण बंद कर दिया गया है। पिछले एक साल में कई उलमा ने नाइक के खिलाफ लिखित शिकायतें दी हैं और हम उन शिकायतों की जांच कर रहे हैं। हमारा मानना है कि कुछ मामलों में उसकी बातें कुरान और हदीस के मुताबिक नहीं हैं। इस वजह से वो भ्रम पैदा कर रही हैं। कई मामलों में तो यह भड़काऊ हैं। इसलिए हमने अपना रुख साफ कर दिया है। हमने भारतीय पक्ष से भी स्थिति साफ करने और जरूरी जानकारी देने का आग्रह किया है।'

इस्लामिक स्टेट (आइएस) के बांग्लादेश में जड़ जमाने संबंधी सवाल पर उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके देश में आतंकी तंत्र उनकी ही जमीन पर पनपा है। भारतीय सूचना और प्रसारण मंत्री वेंकैया नायडू के साथ अपनी मुलाकात के बारे में ईनू ने बताया कि दोनों पक्ष अपने राष्ट्रीय टीवी चैनलों का प्रसारण एक-दूसरे के देश में करने पर सहमत हो गए हैं।

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