यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 30, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पाक द्वारा परमाणु हथियारों की तैनाती जोखिम भरा कदम : अमेरिका
अमेरिका में अगले सप्ताह होने वाले परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से पहले अोबामा प्रशासन ने पाकिस्तान के रवैये पर चिंता व्यक्त की है। प्रशासन का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में पाक की अोर से परमाणु हथियारों की तैनाती एक जोखिमभरा कदम है।

वाशिंगटन। अमेरिका में अगले सप्ताह होने वाले परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन से पहले अोबामा प्रशासन ने पाकिस्तान के रवैये पर चिंता व्यक्त की है। प्रशासन का कहना है कि युद्ध क्षेत्र में पाक की अोर से परमाणु हथियारों की तैनाती एक जोखिमभरा कदम है।
अोबामा प्रशासन के शस्त्र नियंत्रण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सचिव रोज गॉटमोलर ने कहा कि पाक द्वारा परमाणु हथियारों की तैनाती गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि इससे परमाणु सुरक्षा के लिए खतरा बढ़ सकता है।
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रोज गॉटमोलर ने कहा कि युद्धक्षेत्र में परमाणु हथियारों की तैनाती से पहले उस पर नियंत्रण बहुत जरूरी है। एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ही नहीं अन्य देश भी जहां युद्ध के मैदान में परमाणु हथियार मौजूद है, वे विशेष रूप से परमाणु सुरक्षा का ध्यान रखें, नहीं तो इसका परिणाम बहुत खतरनाक हो सकता है।
इससे पहले अोबामा प्रशासन की अोर से अमेरिकी संसदों में भी इस तरह की चिंता व्यक्त की जा चुकी है। उधर परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन में पाक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के शामिल होने का कार्यक्रम रद हो गया है। इसके पीछे हाल ही में पाक में हुए अातंकी हमले को माना जा रहा है, जिसमें अब तक 74 लोगों की मौत हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा दो दिवसीय परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन 31 मार्च से आयोजित किया जाएगा।

