विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जब्त अमेरिकी ड्रोन को वापस नहीं करेगा चीन, माफी की मांग : चीनी मीडिया

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 19 Dec 2016 11:59 AM (IST)

अमेरिकी अंडरवाटर ड्रोन को जब्‍त करने के बाद चीन की म‍ीडिया और वहां के डिफेंस एक्‍सपर्ट ने अमेरिका से माफी की मांग की है।

News Article Hero Image

बीजिंग (रॉयटर)। अमेरिका के अंडर वाटर स्पाई ड्रोन को चीन ने वापस देने से इंकार कर दिया है। चीन के एक्सपर्ट और वहां की मीडिया के मुताबिक यह चीन के स्पाई मिशन का हिस्सा था, लिहाजा अब इसे वापस नहीं किया जाएगा। दरअसल इस ड्रोन को लेकर अमेरिका के चुने गए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने चीन को न सिर्फ चोर बताया है, बल्कि यहां तक कहा कि इस ड्रोन को अब उसे खुद ही रख लेना चाहिए। ट्रंप ने अपनी यह प्रतिक्रिया ट्विटर पर व्यक्त की है।

गौरतलब है कि अमेरिका के मानवरहित अंडरवाटर व्हीकल (UUV) को चीन ने गुरुवार को अपने कब्जे में ले लिया था। इस वाकये के तुरंत बाद पेंटागन ने इसकी वापसी के लिए कोशिशें करनी शुरू कर दी थीं। इसके तहत पेंटागन ने चीन से बात भी की थी, जिसके बाद चीन ड्रोन को वापस करने के लिए सही रास्ते की तलाश भी कर रहा था। इस बीच उसने अमेरिका पर उसकी जासूसी करने का भी आरोप लगाया था।

ट्रंप सरकार में राष्ट्रपति के सलाहकार का पद संभाल सकती हैंं इवांका

इसकी वजह यह भी है कि चीन हमेशा से ही 'साउथ चाइना सी' को लेकर अमेरिका पर शक करता रहा है। वहीं पेंटागन के मुताबिक वह नियमों के तहत ही अपने इस व्हीकल से फिलीपींस से करीब 50 नॉटिकल मील दूरी पर मौजूद सुबिक वे के समुद्र में तापमान और अन्य चीजों की जानकारी जुटा रहा था। यह ड्रोन यूएसएनएस बॉडविच पर तैनात था, जो कि चीन के समुद्र में लगातार 2002 से ही अपनी सेवाएंं दे रहा है। चीन की मीडिया के मुताबिक वर्ष 2001 और 2002 में भी यह जहाज इस तरह की कार्रवाई में लिप्त पाया गया था।

ट्रंप की चीन से तनातनी जारी, कहा-चोरी किए ड्रोन को चीन से वापस न लिया जाए

चीन के नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नॉलिजी के डायरेक्टर झांग हुआंग के मुताबिक यह अमेरिकी ड्रोन समुद्र में चीन की पनडुब्बियों के रास्ते की जानकारी जुटाने में लगा था। उनके मुताबिक इसके द्वारा जुटाई गई जानकारी देश के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। चीन के एक अन्य जानकार नी लैक्सांग के मुतााबिक साल 2001 में भी चीन के एक जेट ने अमेरिका के एक स्पाई ड्रोन को देखा था और इस चक्कर में यह जेट क्रेश हो गया था, जिसमें विमान के पायलट की मौत हो गई थी। इसके बाद ड्रोन को जबरन उतारा गया था। नी के मुताबिक मौजूदा घटना से चीन और अमेरिका के रिश्तों में कुछ बदलाव नहीं आने वाला है। उन्होंने मांग की है कि अमेरिका को अपने इस कृत्य के लिए चीन से माफी मांगनी चाहिए।

गौरतलब है कि पिछले 11 दिनों में करीब 44 एयर क्रू मैंबर्स को चीन ने हिरासत में लिया है। इसके बाद भी अमेरिका ने कोई माफी नहीं मांगी है। जार्ज डब्ल्यू बुश के पहले कार्यकाल के दौरान भी दोनों देशों के बीच संबंध बेहद निचले स्तर पर आ गए थे।

हिलेरी क्लिंटन ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर फोड़ा अपनी हार का ठीकरा