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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अमेरिकी मीडिया पर भड़के बॉबी जिंदल

By Shashi Bhushan KumarEdited By:
Updated: Fri, 16 Oct 2015 04:34 PM (IST)

भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश कर रहे बॉबी जिंदल ने अमेरिकी मीडिया के एक धड़े की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग बहस के लिए अनुचित मानदंडों का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे किसी भी तरह से सही नहीं

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वाशिंगटन। भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक और राष्ट्रपति पद की दावेदारी पेश कर रहे बॉबी जिंदल ने अमेरिकी मीडिया के एक धड़े की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग बहस के लिए अनुचित मानदंडों का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे किसी भी तरह से सही नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि जनमत बनाने के लिए मीडिया के कुछ समूह बहस मानदंडों में प्राइमरी राज्यों की अनदेखी कर रहे हैं और सिर्फ राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को शामिल कर रहे हैं।

बॉबी जिंदल ने कहा कि नेशनल पॉपुलैरिटी रेटिंग में प्राइमरी राज्यों में चल रहे जनता के विचारों को भी शामिल करना चाहिए जबकि सीएनबीसी और दूसरे नेटवर्क केवल इसकी अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 27 अक्टूबर को होने वाले प्रेसिडेंसीयल डिबेट के लिए रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से सीएनबीसी जैसे नेटवर्क उम्मीदवारों के मूल्यांकन के लिए नेशनल पापुलैरिटी रेटिंग को शामिल कर रहे हैं। जिंदल लोवा इलाके में प्रचार के दौरान सीएनबीसी पर जमकर बरसे और आरोप लगाया कि सीएनबीसी अनुचिक तरीके से एक माहौल बना रही है।

उन्होंने कहा कि दो हफ्ते पहले वो ये जानकर हैरान थे कि आरएनसी प्रमाणित संस्था ने लोवा और हैम्पशायर इलाके में रहने वाले लोगों के विचारों की अनदेखी कर दी और उन्हें तवज्जों नहीं दी। मेरी पार्टी की तरफ से कोई भी दावेदार आज तक लोवा या न्यू हैम्पशायर इलाके में बगैर जीत के पार्टी की तरफ से दावेदारी हासिल करने में कामयाब नहीं रहा है। और वो सोचते हैं कि ये सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

2016 में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों के लिए जिंदल पूरी तरह से जुटे है। हालांकि जिंदल के चुनावी अभियान में आर्थिक दिक्कतें भी सामने आ रही हैं तीसरी तिमाही के दौरान जिंदल के खाते में महज दो लाख 61 हजार डॉलर ही थे। इस दौरान वो अपने खर्च से कम राशि इकठ्ठा कर पाए थे। जिंदल के संसाधनों पर टिप्पणी करते हुए लुइसियाना के दी टाइम्स पिकुआने ने कहा वो फंड इकठ्ठा करने की समस्या से दो-चार हो रहे हैं। वहीं दी हिल के मुताबिक भी बॉबी जिंदल की आर्थिक हालत रिपब्लिकन के दूसरे दावेदार रिकी पैरी और स्कॉट वॉकर से भी खराब है, जिन्होंने पिछले महीने पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद की दावेदारी से अपने आपको अलग कर लिया था। हालांकि इन सब कठिनाईयों के बावजूद लोवा इलाके में वो मजबूती से अपनी बातों को रख रहे हैं और जनता उन्हें अपना समर्थन भी दे रही है।


जिंदल के सेक्रेटरी शैनन डिरमान ने कहा कि ये चुनाव है ना कि किसी तरह की नीलामी। वहीं जिंदल ने कहा कि मौजूदा डिबेट मानदंडों मे डोनाल्ड ट्रंप आगे चल रहे हैं हालांकि उनमें राष्ट्रपति पद के लिए जरूरी अनुभव की कमी है। जिंदल ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उनमें गंभीरता की कमी है और सिर्फ वो अपने मनोरंजक छवि को राष्ट्रीय स्तर पर भुनाने की कोशिश में लगे हुए हैं।