यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आपसी मतभेदों को बातचीत के जरिए सुलझाने पर सहमत हुए चीन और अमेरिका
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनने की बात कही गई है।

न्यूयॉर्क, प्रेट्र । अमेरिका और चीन ने बातचीत के जरिये आपसी मतभेदों को कम करने पर सहमत हुए हैं। दोनों देश उत्तर कोरिया पर सहयोग बढ़ाने के साथ कोरियाई प्रायद्वीप को परमाणु हथियार से मुक्त करने की दिशा में मिलकर काम करने की बात कही है। राष्ट्रपति बराक ओबामा और चीनी प्रधानमंत्री ली कछ्यांग के बीच हुई मुलाकात में इस पर सहमति बनी है। ली संयुक्त राष्ट्र की ओर से शरणार्थियों को लेकर आयोजित शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका आए हुए हैं।
दोनों नेताओं के बीच सोमवार को मुलाकात हुई थी। बैठक के बाद व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में भविष्य में क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों से निपटने की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनने की बात कही गई है। द्विपक्षीय बैठक में चीनी अर्थव्यवस्था के उपभोक्ता आधारित मॉडल की तारीफ भी की गई। साथ ही ओबामा ने चीनी प्रधानमंत्री को अत्यधिक औद्योगिक क्षमता की समस्या से निपटने, पर्यावरण अनुकूल माहौल बनाने और बाजार आधारित विनिमय दर की ओर कदम बढ़ाने को लेकर प्रोत्साहित किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने चीन को सभी कंपनियों के लिए समान अवसर मुहैया कराने को भी कहा है। जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर दोनों देशों ने साथ मिलकर काम करने के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने चीन में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान पेरिस समझौते को अनुमोदित किया था।
इस मौके पर ओबामा और ली ने नौ सितंबर को उत्तर कोरिया द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण की भी निंदा की है। मालूम हो कि दक्षिण चीन सागर और उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षण को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनातनी की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में आपसी सहयोग बढ़ाने के फैसले से क्षेत्रीय शांति की आस बंधी है।

