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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    लोकतंत्र के नाम पर पाक में तानाशाही, सरकार के खिलाफ खड़ें हो लोग: CJP

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Fri, 14 Oct 2016 02:55 PM (IST)

    पाकिस्‍तान के चीफ जस्टिस ने पाक सरकार पर विपरित टिप्‍पणी करते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र का सिर्फ मुखौटा ही है, इसके नाम पर यहां तानाशाही व्‍याप्‍ ...और पढ़ें

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    इस्लामाबाद(डॉन)। पाकिस्तान के चीफ जस्टिस अनवर जहीर जमाली ने सरकार के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा है कि देश में लोकतंत्र के नाम पर एक राजा की सत्ता चल रही है और उसके ही द्वारा देश को चलाया जा रहा है। उन्होंने अपनी टिप्पणी में यह साफ कर दिया है कि देश में लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही चल रही है। नवाज सरकार के खिलाफ हुई इस टिप्पणी को राजनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है। ऐसा पहली बार नहीं है कि किसी कोर्ट या राजनैतिक पार्टी ने इस तरह की टिप्पणी की हो।

    मुुशर्रफ भी कर चुके हैं टिप्पणी

    इससे पहले भी कोर्ट इस तरह की टिप्पणी करता रहा है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति और पूर्व जनरल परवेज मुशर्रफ ने भी इसी तरह की टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान में कभी लोकतंत्र रहा ही नहीं है, यही वजह है कि सेना को देश की कमान संभालने के लिए समय-समय पर आगे आना पड़ा है।

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    मामले की सुनवाई के दौरान दी टिप्पणी

    पाकिस्तान के एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक इस बार फिर से कोर्ट ने इस तरह की टिप्पणी कर सरकार को चेताने की कोशिश की है। कोर्ट का कहना है कि लोकतंत्र के नाम पर देश में एक राजा का शासन है। लेकिन यह अब लोगों पर है कि वह सत्ता के खिलाफ खड़ें हों। चीफ जस्टिस ऑफ पाकिस्तान ने यह टिप्पणी पंजाब सरकार की औरेंज लाइन मेट्रो के मामले में दी है। इस योजना पर 45 बिलियन का खर्च आने का अनुमान है।

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    लोकतंत्र का महज मुखौटा

    जस्टिस जमाली ने इस मामले की सुनवाई के दौरान कहा कि लोकतंत्र के नाम पर महज इसका चेहरा ही सामने रखा जा रहा है, अन्यथा इस व्यवस्था में लोकतंत्र जैसा कुछ नहीं है। यहां पर सरकार के नाम पर एक घटिया सरकार प्रचलन में है। सुनवाई के दौरान पांच जजों की बैंच का नेतृत्व कर रहे जस्टिस जमाली ने मामले के दोनों पक्षों से इस संबंध में एक्सपर्ट्स का नाम बताने को कहा है।

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    जमाली पहले भी कर चुके हैं सरकार के खिलाफ तीखी टिप्पणी

    जस्टिस जमाली ने इससे पहले सरकार के खिलाफ टिप्पणी करते हुुए कहा था कि कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थों की खातिर आतंकियों का समर्थन कर रहे हैं। न्यू ज्यूडिशियल ईयर के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्राय: आतंकी हमलों में विदेशी ताकतों का हाथ होता है लेकिन बेहद दुख की बात ये है कि ऐसे खतरनाक आतंकी को उनकी कारगुजारियों को अंजाम देने के लिए देश के भीतर से भी समर्थन मिलता है।

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