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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

डेनमार्क के अखबार ने पैगंबर साहब के कार्टून छापने से की तौबा

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 09 Jan 2015 11:06 PM (IST)

10 वर्ष पहले पैगंबर मोहम्मद साहब का विवादास्पद कार्टून छापकर विश्व के मुस्लिम समुदाय के निशाने पर आए डेनमार्क के अखबार जीलैंड्स-पोस्टेन ने शार्ली अब्दो के कार्टून प्रकाशित करने से इन्कार कर दिया है। अखबार का कहना है कि उसने यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया। डेनमार्क का यह अकेला

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कोपनहेगन। 10 वर्ष पहले पैगंबर मोहम्मद साहब का विवादास्पद कार्टून छापकर विश्व के मुस्लिम समुदाय के निशाने पर आए डेनमार्क के अखबार जीलैंड्स-पोस्टेन ने शार्ली अब्दो के कार्टून प्रकाशित करने से इन्कार कर दिया है। अखबार का कहना है कि उसने यह फैसला सुरक्षा कारणों से लिया। डेनमार्क का यह अकेला अखबार है, जो शार्ली अब्दो के कार्टून नहीं छापेगा।

अखबार ने शुक्रवार को अपने संपादकीय में लिखा,'इससे पता चलता है कि हिंसा एक कारगर हथियार है।' डेनमार्क के सभी प्रमुख अखबारों ने फ्रांस की पत्रिका शार्ली अब्दो के उस कार्टून को फिर से प्रकाशित किया, जिसके कारण आतंकियों ने बुधवार को पेरिस स्थित पत्रिका के दफ्तर को निशाना बनाया। इस हमले में 12 लोग मारे गए थे। यूरोप के कई अखबारों ने भी शार्ली अब्दो के कार्टून को अपने संस्करणों में प्रकाशित किया है।

सितंबर 2005 में पैगंबर साहब के विवादित कार्टून छापने वाले डेनमार्क के अखबार ने लिखा,'बीते 9 साल से हम आतंकी हमले के डर के साथ जी रहे हैं, और हां, यही कारण है कि हमने कार्टून दोबारा प्रकाशित नहीं किए।' अखबार ने आगे लिखा,'हम मानते हैं कि हमने आतंक के खिलाफ हार मान ली है। हमारे कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।'

पेरिस पर आतंकी साया, शार्ली अब्दो के गुनाहगारों की घेराबंदी