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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

परिजनों के डिप्रेशन का बच्चों के जीवन पर खतरनाक असर, जानकर उड़ जाएंगे होश

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Thu, 12 May 2016 05:37 PM (IST)

डिप्रेशन ग्रस्त परिजनों पर हुई एक स्टडी के बाद यह सच सामने आया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि माता-पिता के डिप्रेशन से किशोरावस्था के बच्चों की मस्तिष्क में नकारात्मक गतिविधियों में इजाफा होने लगता है।

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न्यूयार्क, (आईएएनएस)। क्या आप डिप्रेशन से पीड़ित हैं? अगर आपका जवाब हां हैं तो यह आपके बच्चे के लिए खतरनाक और जानलेवा साबित हो सकता है।

डिप्रेशन से ग्रस्त परिजनों के बच्चों में बड़े से बड़ा जोखिम उठाने की भावना, नियम तोड़ने वाला व्यवहार, विद्रोही और कोई भी बात न मानने के स्वभाव की संभावना बढ़ने लगती है। डिप्रेशन ग्रस्त परिजनों पर हुई एक स्टडी के बाद यह सच सामने आया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि माता-पिता के डिप्रेशन से किशोरावस्था के बच्चों की मस्तिष्क में नकारात्मक गतिविधियों में इजाफा होने लगता है।

शोध का नेतृत्व कर रहे इलिनोइस विश्वविद्यालय के यांग क्यू ने बताया कि किशोर उम्र में बच्चों का दिमाग रिस्क लेने और रूल तोड़ने जैसे कार्यों की तरफ तेजी से आकृष्ट होता है और अगर घर में परिजनों पर डिप्रेशन छाया हो तो बच्चे में ऐसे स्वभाव की संभावना बढ़ने लगती है।

डिप्रेशन पर हुई इस स्टडी से जुड़ी एक अन्य शोधकर्ता ईवा टेल्जर ने बताया कि किशोरावस्था में एेसे परिजनों के बच्चों के मसतिष्क में परिवर्तन तेजी से होता है। खासकर जोखिम उठाने की सोच पैदा होती है। यह अध्ययन 23 से 17 आयु वर्ग के 15 किशोरों पर 18 माह तक संज्ञानात्मक परीक्षण और ब्रेन इमेजिंग पर आधारित है।

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