यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अफगानिस्तान के कई शहरों में धमाके, 54 की मौत; कई घायल
सबसे जबर्दस्त धमाका राजधानी काबुल में भारत की आर्थिक मदद से बने संसद भवन के पास हुआ। यहां दोहरे धमाके में 38 लोगों की मौत हो गई और 72 अन्य घायल हो गए।

काबुल, एएफपी/रायटर। अफगानिस्तान के कई शहरों में मंगलवार को धमाके हुए। इन धमाकों में 54 लोगों की मौत हो गई और करीब सौ अन्य जख्मी हो गए। घायलों में संयुक्त अरब अमीरात के गवर्नर भी हैं।सबसे जबर्दस्त धमाका राजधानी काबुल में भारत की आर्थिक मदद से बने संसद भवन के पास हुआ। यहां दोहरे धमाके में 38 लोगों की मौत हो गई और 72 अन्य घायल हो गए।
भीड़भाड़ वाले इलाके में दोपहर के समय हुए इस हमले की जिम्मेदारी तालिबान ने ली है। हमले में जख्मी हुए संसद के भवन के सुरक्षाकर्मी जाबी ने बताया कि एक फिदायीन हमलावर ने परिसर के बाहर खुद को उड़ा पहले धमाके को अंजाम दिया। दूसरा धमाका संसद के सामने सड़क किनारे खड़ी विस्फोटक लदी कार को उड़ाकर किया गया। स्वास्थ्य और गृह मंत्रालय के अनुसार मृतकों में चार पुलिसकर्मी और कुछ संसद के कर्मचारी भी हैं।
तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि धमाका अफगानिस्तान की मुख्य खुफिया एजेंसी राष्ट्रीय सुरक्षा महानिदेशालय के कर्मचारियों को ले जा रही वाहन वाहन को निशाना बनाकर किया गया था। इससे पहले मंगलवार की सुबह एक फिदायीन हमलावर ने अशांत दक्षिणी प्रांत हेलमंद की राजधानी लश्करगाह में खुद को उड़ा लिया था। इस हमले में सात लोग मारे गए और नौ घायल हो गए।एक अन्य धमाका दक्षिणी शहर कंधार में हुआ। अधिकारियों ने बताया कि यहां नौ लोगों की मौत हो गई।
18 घायलों में यूएई के राजदूत और प्रांतीय गवर्नर भी हैं। धमाका उस वक्त किया गया जब वरिष्ठ अधिकारी और यूएई के राजनयिकों के बीच बैठक हो रही थी। ये हमले ऐसे वक्त में किए गए हैं जब ¨हसा समाप्त करने और तालिबान पर पाकिस्तान का प्रभाव कम करने के लिए अफगान अधिकारी इस संगठन के लिए सेफ जोन बनाने पर जोर दे रहे हैं। आतंकी संगठन पर शांति प्रक्रिया में शामिल होने का दबाव बनाने के लिए सरकार मुस्लिम देशों से भी मदद मांग रही है।

