विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेजी से घट रहा हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच का फासला

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Thu, 25 Aug 2016 07:33 PM (IST)

ताजा सर्वेक्षण में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी की रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी ट्रंप पर बढ़त सिर्फ तीन फीसद रह गई है।

News Article Hero Image

वाशिंगटन, प्रेट्र : अमेरिकी राष्ट्रपति पद के दावेदार हिलेरी क्लिंटन और डोनाल्ड ट्रंप के बीच का फासला तेजी से कम होता जा रहा है। ताजा सर्वेक्षण में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी की रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी ट्रंप पर बढ़त सिर्फ तीन फीसद रह गई है।

इकॉनोमिस्ट/यूगॉव के ऑनलाइन सर्वे में हिलेरी को 47 और ट्रंप को 44 फीसद वोट मिलने के आसार जताए गए हैं। सर्वे में शामिल 24 फीसद पंजीकृत मतदाताओं ने हिलेरी के भारी बहुमत से जीतने की संभावना बताई। 29 फीसद ने कहा कि वह मामूली अंतर से जीत हासिल कर सकती हैं। सभी प्रमुख राष्ट्रीय सर्वेक्षणों पर नजर रखने वाली वेबसाइट रियरक्लियरपॉलिटिक्स के अनुसार हिलेरी फिलहाल अपने प्रतिद्वंद्वी से औसतन 5.4 फीसद आगे हैं।

रिपब्लिकन नेशनल कमेटी के अध्यक्ष रेंस प्रीबस ने उम्मीद जताई है कि अगले कुछ हफ्तों में ट्रंप इस अंतर को भी खत्म कर देंगे। उन्होंने कहा कि लगातार अंतर कम होना काफी महत्वपूर्ण है। यह क्रम बरकरार रहा तो अगले कुछ हफ्तों में ट्रंप या तो बराबरी पर होंगे या फिर हिलेरी से आगे निकल गए होंगे।

पढ़ें- हिटलर से आगे ट्रंप, सद्दाम जैसी धूर्त हिलेरी: स्टडी

गौरतलब है कि पिछले महीने डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन के बाद हिलेरी के समर्थन में तेजी से इजाफा हुआ था। इस महीने की शुरुआत में ट्रंप पर उनकी बढ़त दहाई अंकों में पहुंच गई थी। लेकिन, उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है।

समर्थन में ब्रेक्जिट का नेता

ब्रेक्जिट के समर्थन में सफल अभियान चलाने वाले यूके इंडिपेंडेंस पार्टी के नेता नाइजल फराज ने ट्रंप के समर्थन में बुधवार को मिसिसिपी के जैकसन में एक रैली को संबोधित किया। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के समर्थन में किसी दूसरे देश के नेता का सार्वजनिक सभा को संबोधित करने का यह अनूठा मामला है। इस रैली में ट्रंप ने राष्ट्रपति बराक ओबामा और हिलेरी पर जोरदार हमले किए। उन्होंने कहा कि इनकी नीतियों ने अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया और यहां से रोजगार विदेशों में चले गए हैं।

पढ़ें- अब क्लिंटन फाउंडेशन बना हिलेरी के जी का जंजाल