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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फ्री बलूचिस्तान के लिए जर्मनी में मार्च जारी, प्रदर्शनकारियों बोले; पाक का हिस्सा नहीं रहा

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Sun, 07 Aug 2016 01:10 PM (IST)

जर्मनी में जारी फ्री बलूचिस्तान मार्च अब अपने अंतिम पड़ाव पर बर्लिन पहुंच गया है जहां संसद के सामने प्रदर्शन किया जाएगा।

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बर्लिन। बलूचिस्तान में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों पर पाकिस्तानी सेना की ओर से अत्याचार की घटना के विरोध में फ्री बलूचिस्तान मार्च निकाला जा रहा है। जर्मनी में जारी यह फ्री बलूचिस्तान मार्च अब अपने अंतिम पड़ाव पर बर्लिन पहुंच गया है। अब ये लोग संसद के सामने प्रदर्शन करेंगे।

बलोच सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक समूह विभिन्न जर्मन शहरों में मार्च करते हुए पाकिस्तानी सेना की ओर से बलूचिस्तान में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने वालों को अत्याचार करने और मारने की घटनाओं पर विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करना चाहता है। उनका कहना है कि बलूचिस्तान के मुद्दे पर पाकिस्तानी मीडिया भी चुप है और अंतरराष्ट्रीय मीडिया भी बलोचों के साथ हो रहे व्यवहार पर चुप्पी साधे हुए है।

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बलोच सामाजिक कार्यकर्ताओं की अोर से निकाला गया फ्री बलूचिस्तान मार्च 16 जुलाई से पश्चिमी जर्मन शहर डोसलडोरफ से शुरू होकर बर्लिन पहुंच गया है। इस दौरान मार्च में शामिल लोगों ने बलूचिस्तान की समस्या, उसका समाधान और वहां की मौजूदा स्थिति को लोगों को बता रहे हैं।

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इस मार्च में शामिल सह युवा बलूच कार्यकर्ता नौबत मरी का कहना है कि बलूचिस्तान कभी पाकिस्तान का हिस्सा नहीं रहा है। हमारे क्षेत्र में सबसे पहले ब्रिटेन ने कब्जा किया और इसे तीन भागों में तोड़ दिया। विभाजन के बाद भी बलूचिस्तान के पूर्वी भाग एक स्वतंत्र राज्य था, जिस पर पाकिस्तान ने सैन्य बल द्वारा कब्जा कर लिया है।

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