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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाफिज सईद ने पाकिस्तान में लगाई शरिया अदालत

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Thu, 07 Apr 2016 09:30 PM (IST)

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की अगुआई वाले संगठन जमात-उद-दावा ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शरिया अदालत की व्यवस्था शुरू की है।

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लाहौर: मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद की अगुआई वाले संगठन जमात-उद-दावा ने पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में शरिया अदालत की व्यवस्था शुरू की है। तालिबान की तर्ज पर इस इस्लामी अदालत का दावा है कि वह आसान और त्वरित न्याय मुहैया कराएगी।

जमात-उद-दावा ने पहली शरिया अदालत अपने मुख्यालय जामिया कदसिया, चौबुर्जी में स्थापित की है। इसमें एक काजी जज की भूमिका में है जिसे शिकायतों की सुनवाई में खादिम सहयोग करेंगे। दारुल कजा शरिया, निजी न्यायिक व्यवस्था है।

इसमें माल-जायदाद और अन्य छोटे मामले निपटाए जाएंगे। शिकायतें दावा प्रमुख हाफिज सईद को संबोधित होंगी, जिन्हें वह काजी के पास भेजेगा। शरिया अदालत से जारी होने वाले समन पर दारुल कजा शरिया, जमात-उद-दावा, पाकिस्तान की मुहर लगी होगी।

इस तरह का एक समन खालिद नाम के व्यक्ति के लिए जारी किया गया है। उसे अदालत में आकर अपने खिलाफ आई शिकायत पर अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। अदालत के समन पर न आने पर शरिया अदालत के प्रावधानों के अनुसार कड़ी सजा दी जाएगी।

जमात-उद-दावा के प्रवक्ता याह्या मुजाहिद के अनुसार शरिया अदालतें देश में संवैधानिक व्यवस्थानुसार बनी अदालतों के समानांतर नहीं होंगी। शरिया अदालत छोटे मामले लेगी और उन्हें दोनों पक्षों की सहमति से सुलझाने का कार्य करेगी।

मामले इस्लामी कानून की रोशनी में सुलझाए जाएंगे। पंजाब में यह पहली शरिया अदालत है लेकिन वहां की सरकार इस पर कुछ नहीं कह रही है। इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा में प्रांत में तालिबान समर्थक संगठन ने शरिया अदालत की स्थापना की थी।