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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिटलर के जन्मस्थल को ढहाने के फैसले पर लगी रोक

By Atul GuptaEdited By:
Updated: Wed, 19 Oct 2016 11:00 PM (IST)

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सरकारें नाजी विचारधारा समर्थकों के इस मकान को स्मारक की तरह पूजने से आशंकित रहीं।

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वियेना, आइएएनएस । ऑस्टि्रया के मंत्री ने सोमवार को घोषणा की थी कि जर्मनी के तानाशाह अडोल्फ हिटलर ने जिस मकान में जन्म लिया था, उसे ढहाया जाएगा। अब वही मंत्री अपनी बात से पीछे हट गए हैं। कहा है कि हमारा लक्ष्य हिटलर के जन्मस्थल की पहचान खत्म करना है। उसी पर कार्य किया जाएगा।

गृह मंत्री वॉल्फगैंग सोबोत्का ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में कहा, अपर ऑस्टि्रया प्रांत के ब्रानाऊ एम इन शहर में स्थित मकान का बाहरी ढांचा इस तरह से बदला जाएगा कि इसे कोई पहचान नहीं सकेगा। कैबिनेट की बैठक में मकान को ढहाने पर चर्चा नहीं हुई।

इस सिलसिले में गठित हुई विशेषज्ञों की समिति ने मकान को सरकारी कार्यो या लोकहित में इस्तेमाल करने का सुझाव दिया था। इसमें विकलांगों के लिए कार्य करने वाली संस्था को मकान देने का सुझाव भी शामिल था। मकान काफी पुराना और कमजोर हो चुका है, बावजूद इसके सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं ले पाई है। मंगलवार की कैबिनेट बैठक में भी मकान को लेकर स्पष्ट फैसला नहीं हो सका।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सरकारें नाजी विचारधारा समर्थकों के इस मकान को स्मारक की तरह पूजने से आशंकित रहीं। कुछ लोगों ने इसे स्मारक घोषित करने की मांग भी की लेकिन सरकार इस तरह की चर्चा से लगातार दूरी बनाए रही है।

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