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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

NSG में भारत की दावेदारी का हंगरी ने किया समर्थन

By Lalit RaiEdited By:
Updated: Wed, 06 Jul 2016 03:39 AM (IST)

एनएसजी में भारत की दावेदारी का हंगरी ने पूरजोर समर्थन किया है।

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नई दिल्ली, प्रेट्र । परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत के दावे को हंगरी का समर्थन मिल गया है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और हंगरी के उनके समकक्ष पीटर स्जीजार्टो के बीच मंगलवार को हुई बैठक के बाद जारी साझा बयान में यह घोषणा की गई है।

बयान के अनुसार, 'दोनों देश के मंत्री इस बात पर सहमत हैं कि एनएसजी में भारत की भागीदारी से परमाणु अप्रसार की अवधारणा को और मजबूती मिलेगी। इससे वैश्विक परमाणु व्यवसाय और अधिक सुरक्षित होगा।' आगे बताया गया है कि सुषमा स्वराज ने मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) की सदस्यता के लिए भारत का समर्थन करने की खातिर हंगरी के प्रति आभार जताया।

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साथ ही एनएसजी में भी भारत के दावे का समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया। इसके अलावा दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ाने, सूचना तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में संबंध मजबूत करने पर बल दिया गया। इसी क्रम में दोनों देश आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हुए। विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान हंगरी और भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर भी जोर दिया।