विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लापता मलेशियाई विमान की ब्लैक बॉक्स खोजेगी मानवरहित पनडुब्बी

By Edited By:
Updated: Wed, 09 Apr 2014 08:10 AM (IST)

लापता मलेशियाई विमान की तलाश में जुटीं बहुराष्ट्रीय टीमें दक्षिणी हिंद महासागर के तल से ब्लैक बॉक्स को खोज निकालने के लिए एक मानवरहित पनडुब्बी तैनात करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि यह चुनौतीपूर्ण काम संभवत: कई दिनों तक जारी रहेगा।

News Article Hero Image

पर्थ। लापता मलेशियाई विमान की तलाश में जुटीं बहुराष्ट्रीय टीमें दक्षिणी हिंद महासागर के तल से ब्लैक बॉक्स को खोज निकालने के लिए एक मानवरहित पनडुब्बी तैनात करेगी। ऑस्ट्रेलिया ने कहा है कि यह चुनौतीपूर्ण काम संभवत: कई दिनों तक जारी रहेगा।

ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्री डेविड जॉनसन ने कहा कि खोज में उम्मीद से ज्यादा समय लग सकता है। उन्होंने कहा कि विमान और पोत बहुत तेजी से कोशिश कर रहे हैं। यह बहुत चुनौतीपूर्ण है। ऑस्ट्रेलियाई नौसैनिक पोत ओशियन शील्ड में लगे अमेरिकी उपकरण टोड पिंगर लोकेटर ने दक्षिणी हिंद महासागर में पानी के अंदर विमान के ब्लैक बॉक्स से निकले सोनिक पिंग्स यानी सिग्नल की पहचान की, जिससे खोजकर्ताओं की उम्मीदें बढ़ी हैं। ब्लैक बॉक्स का मिलना यह जानने के लिए काफी महत्वपूर्ण है कि आखिर आठ मार्च को क्या हुआ था जब मलेशियाई एयरलाइन का बोइंग 777 विमान उस दिन कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ान भरने के एक घंटे बाद विमान रडार से ओझल हो गया था। उड़ान संख्या एमएच370 में पांच भारतीयों समेत 239 लोग सवार थे। संयुक्त एजेंसी समन्वय केंद्र [जेएसीसी] के प्रमुख एयर चीफ मार्शल [सेवानिवृत्त] एंगस ह्यूस्टन ने कहा कि टोड पिंगर से फिर सिग्नल का पता लगाने की कोशिश जारी है।

समन्वय एजेंसी के प्रमुख ने कहा कि सिग्नल की खोज रुकने तक हम पनडुब्बी की तैनाती नहीं करेंगे। इस बीच इस बात का अंदेशा है कि ब्लैक बॉक्स से संकेत मिलने बंद हो सकते हैं क्योंकि इसमें लगी बैटरी की काम करने की अवधि 30 दिन होती है।

विमानन इतिहास की सबसे महंगी खोज

सिडनी। मलेशियाई एयरलाइन के लापता विमान एमएच370 की तलाश विमानन इतिहास की सबसे महंगी खोज बन गई है। इसकी खोज में 26 देश विमान, पोत, पनडुब्बी और सैटेलाइट लगे हुए हैं। एक महीने से जारी अंतरराष्ट्रीय खोज अभियान पर अब तक 4.4 करोड़ डॉलर [करीब 264 करोड़ रुपये] खर्च होने का अनुमान है।

लापता विमान के ब्लैक बॉक्स से मिले संकेत