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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत-अमेरिका का सामरिक साझीदार बनना पक्का

By Mohit TanwarEdited By:
Updated: Fri, 13 Jan 2017 05:10 PM (IST)

भारत-अमेरिका का सामरिक साझीदार बनना पक्का
भारत-अमेरिका का सामरिक साझीदार बनना पक्का

वाशिंगटन, प्रेट्र। अमेरिका के निवर्तमान रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर का कहना है कि भारत और उनके देश का सामरिक साझीदार बनना तय है। दोनों के बीच रक्षा संबंध क्रेता-विक्रेता के परंपरागत रिश्ते से आगे निकलकर सह विकास और सह निर्माण के चरण में पहुंच गया है।

कार्टर ने कहा, 'भारत का अमेरिका का सामरिक साझीदार बनना पक्का है।' वह इस हफ्ते शीर्ष अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआइएस) के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'मैं कहता हूं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की एकसमान प्रणाली वाले दोनों देशों की प्रगतिशील संस्कृतियां आपस में जुड़ी हुई हैं।

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अगर आप मुझसे पूछेंगे कि 30 साल, 40 साल, 50 साल बाद हमारे किन देशों के साथ व्यापक और गहरे संबंध होंगे? तो उन देशों में भारत एक होगा।' कार्टर ने भारत-अमेरिका के मजबूत संबंधों की पुरजोर वकालत करते हुए कहा, 'हमारे बीच रक्षा संबंध बड़े भाई या छोटे भाई जैसा नहीं है।

हथियारों के मामले में विशुद्ध रूप से क्रेता-विक्रेता जैसा भी नहीं हैं। यह संबंध सहयोगी, प्राद्योगिकी साझीदार, सह विकास और सह निर्माण का है। हमारे पास इस तरह के कई कार्यक्रम हैं। इसका जुड़ाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया पहल से भी है।'

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