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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

UNSC की स्थायी सदस्यता के लिए भारत के अभियान को लगा झटका

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Thu, 28 Jul 2016 07:55 PM (IST)

सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर गठित भारत, ब्राजील, जापान और जर्मनी के ग्रुप ने आम सभा के इस निर्णय पर निराशा व्यक्त की है।

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संयुक्त राष्ट्र, आइएएनएस। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी सदस्यता अभियान को झटका लगा है। बुधवार को हुई आम सभा की बैठक में सुरक्षा परिषद में विस्तार के मुद्दे को अगले सत्र के लिए टाल देने पर सहमति बनी। ऐसा विस्तार के मुद्दे पर सहमति न बन पाने के चलते किया गया। संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में 193 सदस्य देश है। इसी सभा की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

सुरक्षा परिषद में सुधार के मुद्दे पर गठित भारत, ब्राजील, जापान और जर्मनी के ग्रुप ने आम सभा के इस निर्णय पर निराशा व्यक्त की है। संयुक्त बयान में कहा है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 70 वीं वर्षगांठ पर भी महत्वपूर्ण मामलों पर स्पष्ट निर्णय लेने में संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था सक्षम नहीं है। ब्राजील के स्थायी सदस्य एंटोनियो पैट्रीओटा ने कहा, सुरक्षा परिषद में सुधार को लंबे समय से टाला जा रहा है।

जबकि यह समूह संयुक्त राष्ट्र की ओर दुनिया में शांति और सुरक्षा स्थापित करने जैसा महत्वपूर्ण कार्य करता है। सुरक्षा परिषद की सदस्यता के दावेदार ये चार सदस्य समूह के विस्तार के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। समूह में विस्तार की मांग पिछले बीस साल से हो रही है। एक साल पहले आम सभा ने इसे चर्चा के लिए सूचीबद्ध किया लेकिन पाकिस्तान और इटली ने इस पर आपत्ति जता दी।

फिलहाल सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और सुरक्षा बनाए रखनेे का जिम्मा संभालते हैं। इन 15 देशों में पांच सीटें ब्रिटेन, फ्रांस, अमेरिका, चीन और रूस स्थायी सदस्य हैं और बाकी 10 सीटों पर अलग-अलग देश समय समय पर सदस्य रहते हैं।

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