विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 30, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इतालवी नौसैनिकों को मृत्युदंड न देने का भरोसा दे चुका है भारत

By Edited By:
Updated: Sat, 30 Nov 2013 09:13 PM (IST)

इटली की सरकार ने केरल में दो मछुआरों की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की पहल के बाद भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया है। इतालवी विदेश म ...और पढ़ें

News Article Hero Image

रोम। इटली की सरकार ने केरल में दो मछुआरों की हत्या मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) की पहल के बाद भारत पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया है। इतालवी विदेश मंत्री इम्मा बोनिनो का कहना है कि मछुआरो की हत्या के मामले में जांच एजेंसियों चाहे जो भी कदम उठाएं,भारत सरकार हमे भरोसा दे चुकी है कि वह अदालती कार्रवाई का सामना कर रहे इतालवी नौसैनिकों को मृत्युदंड कतई नहीं देगी।

इटली के विदेश मंत्री इम्मा बोनिनो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि भारत सरकार साफ कह चुकी है कि वह मछुआरों की हत्या के मामले में इतालवी नौसैनिकों मिस्सीमिलियानों लाटोरे और साल्वाटोरे गिरोने को मृत्युदंड नहीं देगी। बोनिनो ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन की हालिया टिप्पणी के साथ ही विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद के उस बयान का भी हवाला दिया जिसमें उन्होंने इतालवी नौसैनिकों को फांसी न दिए जाने की बात कही थी। बोनिनो की ओर से यह बयान नौसैनिकों को फांसी की मांग संबंधी एनआइए की पहल के बाद आया है। एनआइए ने दोनों नौसैनिकों के खिलाफ समुद्री परिवहन व पोत के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत चार्जशीट दाखिल करने की अनुमति मांगी है। इस कानून के तहत दोषी को सिर्फ फांसी की सजा का प्रावधान है। एनआइए के इस कदम ने भारत सरकार को मुश्किल में डाल दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने गत दिवस पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा था कि इस मामले में भारत सरकार के रुख को विदेश मंत्री 22 मार्च 2013 में संसद में दिए बयान में स्पष्ट कर चुके हैं। इस मामले में कोई भी नया फैसला संसद में दिए गए बयान और सरकारी नीतियों के दायरे में ही होगा।

पढ़ें: ईरान से तेल आयात पर भारत छह माह तक प्रतिबंध से मुक्त

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर