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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इराकी सेना ने फिर किया सद्दाम के पैतृक गांव पर कब्जा

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Updated: Fri, 04 Jul 2014 07:30 PM (IST)

इराकी सेना ने पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन के पैतृक गांव अवजा से सुन्नी विद्रोहियों को खदेड़ दिया है। सरकारी मीडिया और पुलिस की ओर से यह जानकारी दी गई है।

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बगदाद। इराकी सेना ने पूर्व तानाशाह सद्दाम हुसैन के पैतृक गांव अवजा से सुन्नी विद्रोहियों को खदेड़ दिया। सरकारी मीडिया व पुलिस की ओर से यह जानकारी दी गई।

विद्रोही उत्तरी व पश्चिमी इराक के बहुत बड़े क्षेत्रों में फैले हैं और सेना ने इन क्षेत्रों पर फिर से नियंत्रण करने के अभियान के तहत यह कार्रवाई की। विद्रोह का नेतृत्व अलकायदा से अगल हुआ गुट कर रहा है। उसने सीरिया व इराक की सीमा को मिटा देने की बात कहते हुए शियाओं के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने के लिए बगदाद की ओर मार्च करने की धमकी दी।

सरकारी मीडिया, पुलिस व स्थानीय लोगों के मुताबिक जवाबी कार्रवाई करते हुए सरकारी बलों ने शिया स्वयंसेवकों के साथ मिलकर बृहस्पतिवार की रात को अवजा गांव पर कब्जा कर लिया। इस कार्रवाई के दौरान हेलीकॉप्टर का भी प्रयोग किया गया। देश के सबसे बड़े बीजी तेलशोधक संयंत्र की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे सुन्नी आतंकियों को हवाई हमले में निशाना बनाया गया। एक सरकारी प्रवक्ता ने दावा किया हमले में करीब 30 विद्रोही मारे गए।

इस बीच, इराकी संसद के पूर्व स्पीकर ओसामा अल-नुजैफी ने एक और कार्यकाल के लिए नामांकन करने से इन्कार कर दिया, ताकि नूरी अल मलिकी की जगह नया प्रधानमंत्री चुनने की राह आसान हो सके। नुजैफी को मलिकी का बड़ा राजनीतिक विरोधी माना जाता है। इराक के शीर्ष शिया धार्मिक नेता ग्रैंड अयातुल्ला अली अल-सिस्तानी ने संसद के पहले सत्र में नई सरकार पर सहमति नहीं होने को अफसोसजनक विफलता बताया।

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