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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, क्यों अपने लड़ाकों को मारकर उनकी किडनी और दिल निकाल रहा है IS

By kishor joshiEdited By:
Updated: Thu, 21 Apr 2016 10:41 AM (IST)

आर्थिक तंगी से जूझ रहे आतंकी संगठन आईएस ने अब इस संकट से उबरने के लिए अपने ही घायल लड़ाकों को मारकर उनके अंगों को बेचना शुरू कर दिया है।

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काहिरा (पीटीआई)। आर्थिक बदहाली से जूझ रहे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) ने अब अपने ही जख्मी लड़ाकों को मारना शुरू कर दिया है ताकि वो उनके अंग निकालकर विदेशों में ब्लैक मार्केट में बेच सके। अरबी भाषा में छपने वाले समाचारपत्र 'अल सबा' ने दावा किया है, 'डॉक्टरों को भी बंधक बनाए गए आईएस लड़ाकों के शारीरीक अगों को निकालने को कहा जा रहा है, नहीं तो गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी जा रही है।'

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इरानी न्यूज एजेंसी एफएआरएस के अनुसार, हाल में ही मोसुल के दक्षिणी भाग में अपना प्रभुत्व गंवाने के बाद आईएस गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा है और इसी कारण वह अपने उन लड़ाकों को मार रहा है जो दक्षिणी मोसुल में घायल हो गए थे। इन लड़ाकों को मारकर आईएस उनके शरीर से दिल और किडनी जैसे अंगों को निकालकर ब्लैक मार्केट में बेच रहा है।

आईएस ने मोसुल जेल में बंद कैदियों पर रक्तदान करने तथा मौत की सजा पा चुके कैदियों की सजा स्थगित करने को कहा है, ताकि वह उनका अधिकतम खून बेचकर पैसा एकत्र कर सके। मेडिकल सूत्रों के अनुसार, मोसुल के अस्पताल में तैनात एक सुरक्षाकर्मी ने 183 ऐसी लाशों को देखा है जिनके शरीर से उनके अंग निकाल लिए गए थे।

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संयुक्त राष्ट्र में तैनात इराक के राजदूत मोहम्मद अल्हाकिम ने भी पिछले वर्ष कुछ इसी तरह के आरोप लगाए थे और कहा था कि, आईएस मानव अंगों की तस्करी कर रहा है और उसके इस कुकृत्य में साथ नहीं देने पर उसने दर्जनों डॉक्टरों को मौत के घाट उतार दिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि आईएस की आय में पिछले वर्ष की तुलना में 30 फीसद की गिरावट आई है।