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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइएस ने तबाह किया इराक का प्राचीन शहर खोरसाबाद

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Thu, 12 Mar 2015 08:43 PM (IST)

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने इराक के एक और प्राचीन शहर खोरसाबाद को तबाह कर दिया है। इराक के पुरातत्व विभाग और मंत्री ने खोरसाबाद में तबाही की पुष्टि कर दी है। यह शहर मनुष्य के सर वाले पंखदार बैलों की विशालकाय प्रतिमाओं के लिए जाना जाता है।

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बगदाद। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आइएस) ने इराक के एक और प्राचीन शहर खोरसाबाद को तबाह कर दिया है। इराक के पुरातत्व विभाग और मंत्री ने खोरसाबाद में तबाही की पुष्टि कर दी है। यह शहर मनुष्य के सर वाले पंखदार बैलों की विशालकाय प्रतिमाओं के लिए जाना जाता है।

अधिकारियों के मुताबिक आइएस ने बुधवार को 2,700 साल पुराने असीरियाई शहर खोरसाबाद की प्राचीन इमारतों और धार्मिक स्थलों को ढहा दिया है। इससे पहले भी निनवेह, निमरुद और हतरा में आतंकियों के कहर के दौरान खोरसाबाद में तबाही की खबरें आ रही थीं। आइएस द्वारा तबाह शहरों की सेटलाइट तस्वीरें नहीं मिलने के कारण हालात का सही अंदाजा नहीं लगा है। संयुक्त राष्ट्र ने आइएस द्वारा एक के बाद एक प्राचीन इराकी शहरों को नष्ट किए जाने की निंदा की है।

तिकरित में घुसे इराकी सैनिक

इराक सेना तथा शिया मिलीशिया के सैनिक इस्लामिक स्टेट के सबसे मजबूत गढ़ तिकरित में उत्तर तथा दक्षिण दिशाओं से घुसने में सफल हो गए हैं। गुरुवार को शहर के अंदर पहुंचने के लिए आइएस के साथ उनकी घमासान लड़ाई चली। सद्दाम हुसैन के पैतृक शहर तिकरित की लड़ाई इराक की सेना के लिए काफी महत्वपूर्ण है और यहां आइएस का पैर उखाड़ना बड़ी सफलता होगी।

आइएस को हराने में लगेंगे तीन साल

अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर का कहना है कि आइएस के खात्मे के लिए राष्ट्रपति बराक ओबामा ने जो समय सीमा तय की है, उससे ज्यादा समय लग सकता है। ओबामा प्रशासन ने पिछले महीने आइएस के खिलाफ युद्ध का अधिकार देने वाला विधेयक पारित किया था जिसमें पैदल सेना के इस्तेमाल के रोक लगाने के साथ ही वायु सेना के सीमित उपयोग के लिए कहा गया है। इसमें आइएस के खात्मे के लिए समय सीमा तीन साल तय की गई है।

आइएस में ऑस्ट्रेलियाई युवक का जाना भयावह

आइएस में ऑस्ट्रेलियाई किशोर के शामिल होने की खबर पर चिंता व्यक्त करते हुए ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने कहा कि यह स्पष्ट रूप से एक भयावह स्थिति है। एबॉट ने कहा कि यह इस खतरे को दर्शाता है कि ऑस्ट्रेलियाई युवक इराक और सीरिया में आइएस से आकर्षित हो रहे हैं। मीडिया की रिपोर्टो के अनुसार मेलबर्न का किशोर जेक बेलार्डी इराक के रमादी शहर में बुधवार को हुए आत्मघाती हमले में शामिल था। ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां इस बात की पुष्टि करने के प्रयास में हैं। आइएस ने जेक उर्फ अबु अब्दुल्ला अल-ऑस्ट्रेली की हमले से पहले की तस्वीर जारी की है।

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