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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 13, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राजपक्षे परिवार के खिलाफ जांच चाहती है जेवीपी

By manoj yadavEdited By:
Updated: Tue, 13 Jan 2015 08:41 PM (IST)

श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की हार के बाद मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। नई सरकार की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी ने भ्रष्टाचार निगरानी आयोग से राजपक्षे और उनके परिवार की जांच करने का आग्रह किया है। नई सरकार पहले ही उनके खिलाफ कथित तख्तापलट मामले की जांच

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कोलंबो। श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे की हार के बाद मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। नई सरकार की एक प्रमुख सहयोगी पार्टी ने भ्रष्टाचार निगरानी आयोग से राजपक्षे और उनके परिवार की जांच करने का आग्रह किया है। नई सरकार पहले ही उनके खिलाफ कथित तख्तापलट मामले की जांच कराने का फैसला कर चुकी है।

वामपंथी जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) ने रिश्वत और भ्रष्टाचार आयोग से राजपक्षे और उनके पारिवारिक सदस्यों समेत 12 लोगों और एक संस्था की जांच करने की मांग की है। जेवीपी के एक सांसद ने बताया, 'आयोग से मंगलवार सुबह म¨हदा राजपक्षे, बासिल, नमल और गोथाबाया की शिकायत की गई है।' राजपक्षे के दोनों भाई बासिल और गोथाबाया क्रमश: आर्थिक विकास मंत्री और रक्षा सचिव थे। जबकि पूर्व राष्ट्रपति के बडे़ बेटे नमल मौजूदा सांसद और खेल प्रसारक कार्लटन स्पो‌र्ट्स नेटवर्क के निदेशक हैं।

इनके अलावा दूसरे अधिकारियों में सेंट्रल बैंक के गवर्नर अजित निवार्ड हैं। जेवीपी ने उन पर ग्रीक बांड्स में 1.55 करोड़ डॉलर (करीब 97 करोड़ रुपये) के नुकसान का आरोप लगाया है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह हुए राष्ट्रपति चुनाव में राजपक्षे की करारी हार हुई थी। उनके मंत्रिमंडल के पूर्व सदस्य मैत्रिपाल सिरिसेना ने नौ जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ ली।

राजपक्षे ने तख्तापलट की साजिश से पल्ला झाड़ा

आम चुनाव में हार के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व राष्ट्रपति म¨हदा राजपक्षे ने तख्तापलट की साजिश के आरोप को खारिज किया है। नई सरकार ने मामले की जांच कराने का फैसला किया है।