विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समुद्र तल पर विमान का मिलना मुश्किल: एबॉट

By Edited By:
Updated: Mon, 28 Apr 2014 09:19 PM (IST)

ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने सोमवार को कहा कि अब सागर के तल पर लापता मलेशियाई विमान का मलबा होने की कोई संभावना नहीं नजर आ रही है। उन्होंने ...और पढ़ें

News Article Hero Image

पर्थ। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने सोमवार को कहा कि अब सागर के तल पर लापता मलेशियाई विमान का मलबा होने की कोई संभावना नहीं नजर आ रही है। उन्होंने नए क्षेत्रों में पानी के नीचे और अधिक गहन जांच की घोषणा की जिसमें आठ महीने तक का समय लग सकता है।

विमान के तलाश कार्य को मानव इतिहास में संभवत: सर्वाधिक कठिन करार देते हुए एबॉट ने कहा कि लापता उड़ान एमएच370 की तलाश अब एक नए चरण में प्रवेश करेगी, जिसमें निजी कॉन्ट्रेक्टर की मदद ली जाएगी। इस पर करीब 6 करोड़ डॉलर का खर्च आ सकता है। उन्होंने कहा, 'मुझे यह कहने में पछतावा हो रहा है कि अब तक हवाई, जमीनी, तल पर या समुद्र के नीचे हमारा कोई भी प्रयास मलबा ढूंढ़ने में सफल नहीं हुआ है।' एबॉट ने कहा कि हम वर्तमान चरण से एक ऐसे चरण की ओर बढ़ रहे हैं जो काफी विशाल क्षेत्र में तलाश पर केंद्रित है। नया चरण 60,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सागर के तल को खंगालने पर केंद्रित होगा। उन्होंने कहा कि तलाश का काम बंद नहीं हो रहा है, बल्कि इसे अगले चरण की ओर बढ़ाया जा रहा है। एबॉट ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया लापता विमान की तलाश में जो भी कुछ कर सकता है, वह लगातार करता रहेगा।

बीजिंग जा रहा मलेशिया एयरलाइंस का विमान बोइंग 777 उड़ान संख्या एमएच370 आठ मार्च को कुआलालंपुर से उड़ान भरने के बाद रहस्यमय ढंग से लापता हो गया था। इसमें पांच भारतीयों, एक भारतीय कनाडाई और 154 चीनी नागरिकों सहित 239 लोग सवार थे।

पढ़ें : लापता मलेशियाई विमान के उतरने की संभावना, समुद्र में नहीं गिरा?