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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

राहिल शरीफ की मदद से पाकिस्तान से भागे थे परवेज मुशर्रफ

By Sachin BajpaiEdited By:
Updated: Tue, 20 Dec 2016 04:31 PM (IST)

मेरे देश छोड़ने पर पाबंदी लगा दी गई थी। मेरे खिलाफ चल रहे केस को राजनीतिक मुद्दा बना दिया गया।

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इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान के सैन्य शासक रहे परवेज मुशर्रफ ने दावा किया है कि उन्हें देश से बाहर निकलने में पूर्व सेना प्रमुख राहिल शरीफ ने मदद की थी। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाया जिसके चलते कोर्ट का फैसला उनके पक्ष में आया। इसके तुरंत बाद वह दुबई चले गए।पूर्व राष्ट्रपति ने सोमवार को एक टॉक शो में यह रहस्योद्घाटन किया।

मुशर्रफ ने कहा, 'उन्होंने (राहिल शरीफ) मेरी मदद की थी। मैं उनका बॉस रह चुका हूं और मैं उनके पहले सेना प्रमुख था। उन्होंने बाहर निकलने में मदद की क्योंकि मामले को राजनीतिक रूप दिया गया था।' उनसे जब यह पूछा गया कि पिछले महीने सेवानिवृत्त हुए शरीफ ने उनकी कैसे मदद की थी? इस पर मुशर्रफ ने कहा कि जनरल शरीफ ने पर्दे के पीछे से भूमिका निभाई थी।

यह अफसोसजनक है कि पाकिस्तानी अदालतें दबाव में फैसले सुनाती हैं। गौरतलब है कि इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने मुशर्रफ के विदेश दौरे पर लगे प्रतिबंध को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद गृह मंत्रालय ने उनका नाम प्रतिबंधित लोगों की सूची से हटा दिया।

इसके कुछ घंटे बाद ही मुशर्रफ दुबई रवाना हो गए थे। मुशर्रफ पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्याकांड के अलावा नवाब अकबर बुगती की हत्या और देशद्रोह मामलों का सामना कर रहे हैं।

मालूम हो कि मार्च 2016 में इलाज कराने की बात कहकर मुशर्रफ पाकिस्तान से निकले थे। उन्होंने 4 से 6 हफ्तों में पाकिस्तान लौट आने का वादा किया था, लेकिन तबसे लेकर अबतक वह पाकिस्तान नहीं लौटे हैं। उनके खिलाफ राजद्रोह और हत्या के मामले चल रहे हैं। बेनजीर की हत्या के मुकदमे में तो अभियोजन पक्ष उनके खिलाफ 62 गवाह पेश किए हैं।

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इसी दौरान जब टॉक शो के मेजबान ने मुशर्रफ से पूछा कि रहील शरीफ ने किस तरह उनकी मदद की, तो जवाब में उन्होंने कहा कि रहील ने 'अदालतों को अपने प्रभाव में लिया।' इसके बारे में और बताते हुए उन्होंने कहा कि अफसोस है कि लोगों को यह कहना पड़ता है। ऐसा कहना तो नहीं चाहिए, लेकिन हमारी न्याय व्यवस्था को हद और इंसाफ की ओर आ जाना चाहिए। पाकिस्तान की न्याय व्यवस्था पर अंगुली उठाते हुए मुशर्रफ ने कहा, 'ये अदालतें पर्दे के पीछे दबाव में आकर काम करती हैं और तब फैसला सुनाती हैं। पर्दे के पीछे अदालतों पर मेरे खिलाफ कार्रवाई करने करने के लिए जो राजनैतिक दबाव बनाया जा रहा था, उसे हटाने में सेना प्रमुख रहील शरीफ ने भूमिका निभाई।'

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