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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जीत को भारत से वार्ता पर जनता की मुहर मानते हैं शरीफ

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Updated: Fri, 23 Aug 2013 10:41 PM (IST)

पाकिस्तान में संसदीय उपचुनाव में जनता का प्यार प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) पर ही बरसा है। उप चुनावों की सफ ...और पढ़ें

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इस्लामाबाद। पाकिस्तान में संसदीय उपचुनाव में जनता का प्यार प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन (पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज) पर ही बरसा है। उप चुनावों की सफलता को उन्होंने भारत से वार्ता के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर जनता की मुहर बताया है। उन्होंने कहा कि हमारे कदमों से जनता खुश है। अब वक्त आ गया है कि दोनों देश हथियारों की दौड़ बंद कर दें। हमें कश्मीर का समाधान निकालकर शांति से एक-दूसरे की उन्नति में साथ देना चाहिए।

उपचुनाव में मिली भारी सफलता से संसद में शरीफ की पार्टी और मजबूत हो गई है। अब पीएम देश की बदहाल आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में सख्त कदम उठा सकेंगे। संसद एवं प्रांतीय विधानसभाओं की 41 सीटों पर गुरुवार को मतदान हुआ था। शुक्रवार को घोषित परिणामों में संसद की पांच सीटें पीएमएल-एन, तीन पीपीपी को और पीटीआइ को दो सीटें मिलीं। इसके बाद शरीफ ने द टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में कहा कि रक्षा क्षेत्र में खर्च हो रहा पैसा सामाजिक एवं आर्थिक विकास समेत शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च होना चाहिए। ब्रिटिश अखबार से उन्होंने कहा कि वह ईमानदारी से पाकिस्तान के सबसे पुराने दुश्मन भारत से दोस्ती करना चाहते हैं। हमें कश्मीर समेत सभी विवादों को अंत की ओर ले जाना चाहिए।

पाकिस्तानी पीएम ने कहा, वे मिग-29 के पीछे भागते हैं, हम एफ-16 के। वे टैंक खरीदते हैं और हम दूसरे सैन्य साजो-सामान। यह बहुत महंगा पड़ता है। अगर हमें अपनी जनता की तरक्की देखनी है तो इसे रोकना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 11 मई को हुए आम चुनाव में भारत विरोधी नारे नहीं थे। कुछ सालों पहले ऐसा जरूर होता है। दोनों देश जानते हैं कि हमसे गलतियां हुई। अब इन्हें भूलकर आगे बढ़ने का वक्त आ गया है। पिछले साल हमने कुल बजट का 54 फीसद सेना पर और मात्र दो फीसद शिक्षा पर खर्च किया।

पाकिस्तान सेना पर पूछे एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हम सभी एक ही तरफ हैं। सरकार और सेना एक साथ हैं। नवाज ने कहा कि हमें भी हमारे सूत्रों से पता चलता है कि पाकिस्तान में जारी अव्यवस्था में भारत का हाथ है। फिर भी मैं यह कहता हूं कि हमें एक-दूसरे पर आरोप लगाना बंद कर देना चाहिए।

फिर होनी चाहिए वार्ता: जरदारीपाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने कहा है कि इस्लामाबाद और नई दिल्ली को रुकी हुई वार्ता को फिर से शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलओसी पर जारी सीजफायर उल्लंघन को बंद कर शांति प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए। हम इस काम में जितनी जल्दी करेंगे, उतना ही हमारे लिए अच्छा होगा। हमारी नई सरकार ने धैर्य बनाया हुआ है।

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