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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 24, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'नवाज के बयान से पाकिस्तान और कश्मीरियों की मुसीबत और बढ़ी'

By Gunateet OjhaEdited By:
Published: Sun, 24 Jul 2016 08:23 PM (IST)Updated: Sun, 24 Jul 2016 08:33 PM (IST)

बयान देकर शरीफ ने भारत की सत्ता को चुनौती दी है और न केवल पाकिस्तान बल्कि कश्मीरियों के लिए भी और मुसीबत खड़ी कर दी है।

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इस्लामाबाद, आइएएनएस। पाकिस्तान की मीडिया ने अपने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को कश्मीर संबंधी बयान पर आईना दिखाया है। उसने बयान की निंदा करते हुए शरीफ से उम्मीद पर टिकी सोच में शामिल नहीं होने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि शरीफ ने कहा था कि उन्हें उस दिन का इंतजार है जब जम्मू-कश्मीर पाकिस्तान में शामिल होगा।

अखबार 'द डेली टाइम्स' ने संपादकीय में लिखा है कि ऐसे बयान भाषण से ज्यादा नहीं हैं। ऐसे बयान देकर शरीफ ने भारत की सत्ता को चुनौती दी है और न केवल पाकिस्तान बल्कि कश्मीरियों के लिए भी और मुसीबत खड़ी कर दी है। उम्मीद पर टिकी सोच की बजाय प्रधानमंत्री को ठंडे दिमाग से क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने पर सोचना चाहिए। अखबार ने कहा है कि कश्मीर पर पाकिस्तान का आधिकारिक रुख आजादी के लिए कश्मीरी संघर्ष को नैतिक समर्थन देना है।

लेकिन बगैर किसी स्पष्ट नीति के कश्मीर को मिलाने संबंधी बयान अनुचित प्रतीत होता है। जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान में मिलाने की बात कहना आसान है लेकिन किसी को यह पता नहीं है कि यह कैसे होगा। अखबार ने लिखा है कि यह केवल बातचीत या युद्ध के जरिये हो सकता है और इसका दूसरा कोई हल नहीं है। अखबार ने लिखा है कि और जमीन कब्जाने की बजाय पाकिस्तान को गुलाम कश्मीर को मॉडल स्टेट बनाना चाहिए। पाकिस्तान 67 वर्षों से गुलाम कश्मीर में अच्छा शासन देने में विफल रहा है। अखबार ने भारत और पाकिस्तान से द्विपक्षीय मामलों को शांतिपूर्वक हल करने की अपील की।

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