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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नेपाल में सीपीएन (माओवादी) के समर्थन वापसी से अल्‍पमत में सरकार

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Tue, 12 Jul 2016 05:43 PM (IST)

    नेपाल सरकार से प्रचंड की पार्टी सीपीएन माओवादी ने समर्थन वापस ले लिया है। इसके बाद यहां की सरकार अल्‍पमत में आ गई है। ...और पढ़ें

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    काठमांडू (पीटीआई)। नेपाल में फिर गंभीर राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है। पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड के नेतृत्व वाले सीपीएन माओवादी दल ने केपी शर्मा ओली की अगुवाई वाली गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया है। इससे सरकार अल्पमत में आ गई है। सरकार से समर्थन वापसी का ऐलान प्रचंड ने आज ही किया है। उन्होंने कहा कि ओली सरकार नौ सूत्री समझौता लागू करने में हिचक रही थी। इस पर मई में सीपीएन-यूएमएल और माओवादी के बीच सहमति बनी थी।

    दहल उर्फ प्रचंड ने बयान में कहा कि मौजूदा सरकार नौ सूत्री समझौते के अलावा तीन अन्य बिंदुओं को लागू करने को तैयार नहीं है। ऐसी स्थिति में हमारी पार्टी के लिए सरकार में बने रहना सही नहींं होगा। इसलिए सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला किया है। पार्टी के फैसले से राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी, प्रधानमंत्री ओली और प्रतिनिधि सभा के स्पीकर को अवगत करा दिया गया है।

    इसके पहले पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक में नौ माह पुरानी सरकार से समर्थन वापस लेने का फैसला लिया गया। इस हिमालयी देश में नया संविधान अपनाए जाने के बाद यह नई सरकार गठित हुई थी। प्रधानमंत्री ओली ने दृढ़ता से कहा कि वह नया चुनाव होने तक सत्ता में बने रहेंगे। देश में अगला चुनाव एक-डेढ़ साल में होगा।