यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नए ब्लड टेस्ट से कैंसर के इलाज में मिलेगी मदद
इससे मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। मेटाबोलाइट, वसा और प्रोटीनों का एक मूलभूत समूह है।

लंदन, प्रेट्र। वैज्ञानिकों का कहना है कि नए ब्लड टेस्ट से कैंसर के इलाज में मदद मिल सकती है। इसमें खून में मेटाबोलाइट की जांच की जाएगी। शोधकर्ताओं ने पहली बार पाया कि खून में मेटाबोलाइट का स्तर संकेत दे देगा कि कैंसर का इलाज सही चल रहा है या नहीं। इससे मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी। मेटाबोलाइट, वसा और प्रोटीनों का एक मूलभूत समूह है।
शोधकर्ताओं का कहना है, 'इलाज में इस प्रकार की निगरानी से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाली दवाएं विकसित करने में तेजी आएगी।'
ब्रिटेन स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर रिसर्च (आइसीआर) के वैज्ञानिकों ने एडवांस्ड स्टेज वाले कैंसर के 41 रोगियों में 180 रक्त नमूनों की जांच की। उन्होंने पाया कि मेटाबोलिक मार्कर के मिश्रण की जांच से सही-सही पता लगाया जा सकता है कि कैंसर के इलाज में दवा कितना असर कर रही है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि 'पिक्टिलिसिब' दवा विशेष रूप से कैंसर की कोशिकाओं को आसानी से निशाना बनाती है। इसका नाम पी13 किनासे भी है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 'पिक्टिलिसिब' की पहली खुराक से ही खून में मेटाबोलाइट का स्तर बढ़ना शुरू हो जाता है। इलाज बंद करने पर यह कम हो जाता है।

