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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन आयोजित करेगा न्यू जर्सी

By Abhishake PandeyEdited By:
Updated: Mon, 05 Jan 2015 10:55 AM (IST)

अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन आगामी अप्रैल में न्यू जर्सी में किया जाएगा। आयोजकों ने कहा है कि सम्मेलन की विषयवस्तु ‘हिंदी जगत का प्रसार: संभावनाएं और चुनौतियां’ होगी।

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वाशिंगटन! अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन आगामी अप्रैल में न्यू जर्सी में किया जाएगा। आयोजकों ने कहा है कि सम्मेलन की विषयवस्तु ‘हिंदी जगत का प्रसार: संभावनाएं और चुनौतियां’ होगी।

तीन से पांच अप्रैल के बीच होने वाले इस अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन में दुनिया के विभिन्न हिस्सों से हिंदी के विद्वान एकत्र होंगे और वे हिंदी के अध्ययन-अध्यापन की मौजूदा स्थिति समेत कई चीजों पर चर्चा करेंगे।

सम्मेलन के संचालक अशोक ओझा ने कल दिए बयान में कहा, ‘सम्मेलन में भाग लेने वाले लोग व्यक्तिगत एवं संस्थागत तौर पर की जाने वाली साझेदारियों और नेतृत्व और क्षमता एवं अवसंरचना निर्माण कौशल आदि के साथ-साथ सामग्री चयन एवं विकास के लिए वित्तीय मदद, शिक्षकों के पेशेवर विकास और स्वयंसेवी प्रबंधन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा कर सकते हैं।’

उन्होंने कहा, ‘हम ‘उच्च शिक्षा में हिंदी’, ‘उद्यम और वाणिज्य में हिंदी के इस्तेमाल को बढ़ावा’, ‘हिंदी के लिए सामुदायिक सहयोग’, ‘हिंदी के अध्ययन और अध्यापन की मौजूदा स्थिति’ समेत विभिन्न मुद्दों पर सत्र आयोजित करेंगे।’

ओझा ने कहा कि सम्मेलन की विषयवस्तु भाषाई शिक्षा (सरकारी एवं निजी), सरकार एवं औद्योगिक समुदायों द्वारा भारत के भीतर और बाहर हिंदी की गुणवत्ता के विस्तार एवं विकास के लिए समन्वित प्रयासों की बढ़ती जरूरतों को दर्शाती है। उन्होंने आगे कहा कि यह सम्मेलन सामुदायिक सदस्यों और नेताओं, भाषा विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, शिक्षा प्रबंधकों और अमेरिका, कनाडा, दक्षिणी अमेरिका एवं त्रिनिदाद एंड टोबेगो जैसे कैरीबियाई देशों के साथ भारत के विशेषज्ञों को एक साझा मंच प्रदान करेगा, जहां वे एकसाथ मिलकर अपने विचारों एवं शोधों को साझा कर सकते हैं, विभिन्न अवसरों को जांच सकते हैं, भविष्य के लिए योजनाएं बना सकते हैं, चुनौतियों की पहचान कर सकते हैं और उत्तरी अमेरिकी एवं कैरीबियाई क्षेत्र में हिंदी को बढ़ावा देने के लिए उपाय ढूंढ़ सकते हैं।

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