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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वियना: NSG में भारत की सदस्यता पर बैठक बेनतीजा, अब नजरें सियोल पर

By Manish NegiEdited By:
Updated: Sat, 11 Jun 2016 01:07 PM (IST)

एनएसजी की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन पर वियना में हुई बैठक बेनतीजा रही। इस बैठक में भारत की सदस्यता पर कोई फैसला नहीं लिया जा सका।

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वियना। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के लिए भारत के आवेदन पर वियना में दो दिवसीय बैठक हुई है। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक 42 सदस्य देशों की इस बैठक में कोई फैसला नहीं लिया जा सका। अब दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में 20 जून को होने वाले एनएसजी के पूर्ण अधिवेशन में इस पर विचार किए जाने की संभावना है।

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इससे पहले अमेरिकी समर्थन से मिले बल के बीच एनएसजी की सदस्यता के भारत के दावे को ज्यादातर सदस्य देशों से सकारात्मक संकेत मिले थे, लेकिन चीन इसके विरोध पर अड़ा था। चीन हमेशा से एनएसजी में भारत की सदस्यता का विरोध करता रहा है। वियना में हुई बैठक में चीन ने सीधे तौर पर तो भारत की सदस्यता का विरोध नहीं किया, लेकिन इसे एनपीटी पर दस्तखत न करने से जोड़ा।

गौरतलब है कि व्हाइट हाउस में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एनएसजी में भारत को स्थान दिए जाने का समर्थन किया था, लेकिन चीन ने फिर कहा है कि अगर भारत को एनएसजी में शामिल किया जाता है, तो पाकिस्तान को भी शामिल किया जाना चाहिए, जो चीन का करीबी सहयोगी देश है।

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वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन केरी ने एक पत्र लिखकर एनएसजी के सदस्य देशों से अपील की है कि इस महीने के अंत में जब सियोल में एनएसजी की बैठक हो तो उन्हें ' भारत को शामिल करने पर आम राय कायम करने में बाधा न डालने पर सहमत होना चाहिए।'

दरअसल, चीन की दलील है कि सिर्फ परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत करने वाले देशों को ही इसमें एनएसजी की सदस्यता मिलनी चाहिए। चीन, भारत की सदस्यता का विरोध करने वाले देशों की अगुआई कर रहा था, वहीं तुर्की, न्यूजीलैंड, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया चीनी रुख के साथ थे।

गौरतलब है कि एनएसजी आम राय के आधार पर काम करती है और भारत के खिलाफ किसी एक देश का वोट भी उसकी दावेदारी में रोड़े अटका सकता है।

पाक भी मेक्सिको, इटली को पटाने में जुटा

भारत को रोकने में नाकाम पाकिस्तान ने एनएसजी में अपनी सदस्यता के लिए प्रयास तेज कर दिया है। समर्थन हासिल करने के लिए उसने शुक्रवार को मेक्सिको और इटली को पटाने की कोशिश की। पाकिस्तानी पीएम के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने भारत को समर्थन की घोषणा करने वाले दोनों देशों के विदेश मंत्रियों को फोन कर मदद मांगी। सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार अजीज ने मेक्सिको के विदेश मंत्री क्लाउडिया रुइज मैसेयू और इटली के विदेश मंत्री पेओलो जेंटीलोनी को फोन कर एनएसजी के लिए पाक का पक्ष समझाया।

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