विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत में कश्मीर के विलय को कभी नहीं किया स्वीकार: पाक

By Edited By:
Updated: Fri, 11 Jul 2014 09:24 AM (IST)

पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर अपना पुराना राग अलापा है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने कभी भी जम्मू-कश्मीर के भारत में तथाकथित विलय को स्वीकार नहीं ...और पढ़ें

News Article Hero Image

इस्लामाबाद। पाकिस्तान ने एक बार फिर कश्मीर पर अपना पुराना राग अलापा है। पाकिस्तान का कहना है कि उसने कभी भी जम्मू-कश्मीर के भारत में तथाकथित विलय को स्वीकार नहीं किया। ठीक ऐसा ही बयान पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कश्मीर दौरे से पहले दिया था। उस वक्त नई दिल्ली ने इस्लामाबाद के बयान को सिरे से खारिज करते हुए कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग करार दिया था।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा, 'हमने कश्मीर के भारत में विलय को कभी स्वीकार नहीं किया। कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं है। हमारा मानना है कि कश्मीर एक विवादित क्षेत्र है।' नई दिल्ली स्थित यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री ऑबजर्वर ग्रुप इन इंडिया एंड पाकिस्तान [यूएनएमओजीआइपी] के दफ्तर को खाली करने के भारत के आदेश पर उन्होंने कहा कि इसका कश्मीर विवाद की कानूनी स्थिति पर कोई खास असर नहीं होगा। तसनीम के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र पर्यवेक्षकों से दफ्तर खाली करने या किराया मांगने के भारत सरकार के आदेश जम्मू-कश्मीर विवाद के संदर्भ में अप्रासंगिक है। भारत का यह कदम संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के 1951 के आदेश का उल्लंघन नहीं हैं। इसका कश्मीर विवाद से कोई मतलब नहीं।

बगदादी की सूचना देने पर एक करोड़ डॉलर का इनाम