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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 25, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक सिख नेता की हत्या में हिंदू प्रतिद्वंद्वी गिरफ्तार

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Mon, 25 Apr 2016 08:22 PM (IST)

पुलिस ने खुलासा किया है कि खैबर पख्तुनख्वां के नेता सरदार सोरन सिंह की हत्या राजनैतिक रंजिश के चलते की गई थी।

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पेशावर, प्रेट्र। पाकिस्तान के प्रमुख सिख नेता और चिकित्सक सरदार सूरन सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने उनकी ही पार्टी के एक हिंदू नेता सहित छह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि 2013 के विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने की रंजिश में सिंह की हत्या बलदेव कुमार ने करवाई। दोनों व्यावसायिक साझेदार भी थे। हत्या की जिम्मेदारी तालिबान पाकिस्तान ने ली थी।

बलदेव कुमार स्वात जिले के पार्षद और इमरान खान की नेतृत्व वाली तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के अल्पसंख्यक नेता हैं। 52 वर्षीय सिंह भी इसी पार्टी के नेता थे। वे अल्पसंख्यक मामलों पर खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मुख्यमंत्री के विशेष सहायक थे। बीते शुक्रवार को बुनेर जिले के पीर बाबा गांव में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

मलकंद डिवीजन के पुलिस उपमहानिरीक्षक आजाद खान ने बताया कि कुमार ने शांगला के पूर्व नाजिम मोहम्मद आलम की मदद से सिंह की हत्या की योजना बनाई। आलम ने हत्या की सुपारी सईद जान को दी और उसे इस काम के लिए 10 लाख रुपये देने का वादा किया। उसे दो लाख रुपये अग्रिम राशि भी दी गई। सईद ने यह काम मुख्तार और बेहरोज खान को सौंपा।

खान ने बताया कि हत्या के बाद मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने हत्यारों को पकड़ा। पूछताछ के दौरान उन्होंने पैसे के लिए सिंह की हत्या करने और इसकी सुपारी सईद जान से मिलने की बात कही। सईद ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि उसने मोहम्मद आलम और बलदेव कुमार के कहने पर हत्या की योजना बनाई थी। उन्होंने इसमें तालिबान की किसी तरह की भूमिका होने की खबरों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि हत्या के अगले दिन तालिबान ने बयान जारी कर कहा था कि उसके विशेष बल के शूटरों ने इसे अंजाम दिया था।

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