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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जानिए, चीन ने पाक को क्यों दी 56 हजार करोड़ रुपये की आर्थिक मदद

By kishor joshiEdited By:
Updated: Fri, 10 Jun 2016 05:40 PM (IST)

पाकिस्तान के रेल नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने तथा अन्य के लिए चीन पाकिस्तान में 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है।

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इस्लामाबाद (मिड-डे)। एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान के रेल नेटवर्क को और अधिक मजबूत करने तथा पाकिस्तान व ईरान के बीच एक पाईपलाईन का निर्माण करने के लिए चीन, पाकिस्तान में 8.5 बिलियन डॉलर (56 हजार करोड़ रुपये) का निवेश करने जा रहा है।

पाकिस्तान में बड़ी परियोजनाओं को अधिकृत करने वाली सेंट्रल डेवलेपमेंट वर्किंग पार्टी (सीडीडब्ल्यूपी) ने बुधवार को 10 बिलियन डॉलर की लागत से बनने वाली दो परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए चीन 85 फीसद (8.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का कर्ज दे रहा है। पाकिस्तानी रेलवे में सुधार लाने के लिए कुल 8.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की लागत आएगी जिसमें से चीन द्वारा 7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रियायती लोन दिया जाएगा।

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यह परियोजना 46 बिलियन अमेरिकी डॉलर वाली उस परियोजना का हिस्सा है जिसके तहत चीन-पाकिस्तान कॉरीडोर पैकेज बनना है। इस परियोजना के समझौते पर उस समय हस्ताक्षर हुए थे जब चीन के राष्ट्रपति ने अप्रैल 2015 में पाकिस्तान का दौरा किया था।

वहीं ग्वादर-नवाबशाह एलएनजी टर्मिनल पाइपलाईन परियोजना की अनुमानित लागत तकरीबन 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की है जिसमें से चीन द्वारा 1.4 बिलियन अमेरिकी डॉलर का लोन दिया जा रहा है। इस परियोजना को पाकिस्तान के लिए अहम माना जा रहा है क्योंकि इसके जरिए पाकिस्तान का गैस नेटवर्क सीधे ईरान से जुड़ जाएगा।

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