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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एनएसजी पर विरोध के बीच भारत से दोस्ती चाहता है पाकिस्तान

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Thu, 09 Jun 2016 10:59 PM (IST)

पाकिस्तान की अोर से एनएसजी में भारत का विरोध किया जा रहा है लेकिन पाक अभी भी भारत से दोस्ती चाहता है।

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इस्लामाबाद, आइएएनएस/प्रेट्र। परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता मिलने की राह में रोड़े अटका रहा पाकिस्तान, भारत से दोस्ती चाहता है। साथ ही उसने पठानकोट हमले को लेकर एक बेतुका आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि भारत इस हमले की आड़ में द्विपक्षीय वार्ता को बंद करने की कोशिश कर रहा है।

पाकिस्तानी पीएम के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारत से रिश्तों पर मिश्रित टिप्पणी की। बकौल अजीज, 'भारत के साथ सभी द्विपक्षीय मसलों का समाधान पाकिस्तान बातचीत के जरिये निकालना चाहता है। हमारी सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है।' उनके अनुसार, 'लेकिन भारत ही इसमें अवरोध उत्पन्न कर रहा है।

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दिसंबर, 2015 में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज जब इस्लामाबाद आई थी तभी द्विपक्षीय वार्ता शुरू करने पर सहमति बनी थी। लेकिन 2 जनवरी, 2016 के पठानकोट हमले के कारण यह प्रारंभ न हो सकी। भारत ने हमले के कारण वार्ता टाल दी।' अजीज मुताबिक, 'वार्ता से आपसी विवाद का बेहतर हल निकाला जा सकता है। लेकिन भारत के कारण फिलहाल यह स्थगित है।' उन्होंने कहा, 'हम भारत से दोस्ती के पक्षधर हैं। सभी मसलों का हल बातचीत से निकालना चाहते हैं।'

अजीज का यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत एनएसजी में भारत की सदस्यता रोकने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहा है। उसने बुधवार को ही एनएसजी सदस्य देशों के राजदूतों की बैठक बुलाई थी, जिसमें भारत को सदस्य बनाने के खतरे गिनाए। साथ ही उसने राजदूतों को यह समझाने की कोशिश की कि पाकिस्तान को एनएसजी का सदस्य बनाना कितना जरूरी है।

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