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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाक सांसदों को सताने लगा डर, CPEC से भारत को होगा अधिक फायदा

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 18 Nov 2016 11:55 AM (IST)

चीन और पाकिस्‍तान के बीच 46 बिलियन डालर की राशि से बनने वाले इकनॉमिक कॉरिडोर को पाक सांसदों को संदेह है कि इससे भारत को ज्‍यादा फायदा होगा और उन्‍हें कम।

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नई दिल्ली(डॉन)। पाकिस्तान में चीन के सहयोग से बनने वाले इकनॉमिक कॉरिडोर को लेेकर अब पाकिस्तान के सांसद ही सवाल उठाने लगे हैं। उनका मानना है कि इस कॉरिडोर से पाकिस्तान को कम लेकिन भारत को ज्यादा फायदा होगा, लिहाजा यह देशहित में नहीं है। इस कॉरिडोर पर 46 बिलियन डालर की राशि खर्च हो रही है। कुछ सांसदों ने नेशनल असेंबली में सीनेट की स्टेंडिंग कमेटी की बैठक के दौरान इसको लेकर सवाल उठाए हैं। इन सांसदों का कहना है कि चीन इस कॉरिडोर केे जरिए भारत के अलावा मध्य एशिया और यूरोप में अपना व्यापारिक हित साधना चाहता है। सीपीईसी के जरिए चीन व्यापार के नए मार्ग खोलना चाहता है।

पाक सांसदों को है सीपीइसी से डर

हालांकि कमेटी के अध्यक्ष सैयद ताहिर हुसैन मशहादी का कहना था कि इस कॉरिडोर के बन जाने से भारत के साथ रेल और रोड लिंक में सुधार होगा। उनके मुताबिक चीन इसका निर्माण न सिर्फ मध्य एशिया और यूरोप में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कर रहा है बल्कि भारत से भी उसके व्यापारिक रिश्ते बेहतर हो सकते हैं। चीन इसके जरिए इस कॉरिडोर के नजदीक आने वाले करीब आठ विकासशील देशों को साधना चाहता है और इनके जरिए अपना व्यापार बढ़ाना चाहता है।

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'सीपीइसी से भारत को होगा फायदा'

दरअसल, समिति के सदस्य ने कहा कि सीपीईसी के पूरी तरह अमल में आने से मुनाबाओ और अमृतसर के बीच रेल और रोड संपर्क दुरुस्त होगा। समिति के अध्यक्ष सैय्यद ताहिर हुसैन ने कहा कि हर निवेशक अपना हित पहले देखता है। ऐसे में चीन इस गलियारे का प्रयोग निश्चित तौर पर भारत के साथ व्यापार को बढ़ाने में करेगा। उन्होंने भारत और चीन के बीच व्यापार को सौ अरब डॉलर तक पहुंचाने को लेकर हाल में हुए समझौते का हवाला भी दिया। मशहादी का कहना है कि इस कॉरिडोर को लेकर चीन का हित पाकिस्तान से कम लेकिन भारत से ज्यादा है। पिछले वर्ष ही चीन और भारत के बीच 100 बिलियन डालर के व्यापारिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे।

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