यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ब्रसेल्स हमले के बाद लोगों का फेसबुक के खिलाफ फूटा गुस्सा
लोगों का कहना है कि पेरिस अटैक की तरह फेसबुक को इस बार भी अपना सेफ्टी चेक फीचर ऑन करना चाहिए था ताकि चिंता में डूबे लोग अपने परिवार वालों को बता पाएं कि वह सुरक्षित हैं।

ब्रसेल्स। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में एयरपोर्ट पर हुए आतंकी हमले के बाद लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक और इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि पेरिस अटैक की तरह फेसबुक को इस बार भी अपना सेफ्टी चेक फीचर ऑन करना चाहिए था ताकि चिंता में डूबे लोग अपने परिवार वालों को बता पाएं कि वह सुरक्षित हैं।
दरअसल मंगलवार को ब्रसेल्सि के जैवनटेम हवाई अड्डे पर हुए दो बम धमाकों के बाद लोगों में अफरा तफरी का माहौल बन गया। फोन लाइन व्यस्त हो गई। ऐसे में उन्हें आस थी कि पेरिस अटैक की तरह इस बार भी फेसबुक सेफ्टी फीचर काम आ सकता है लेकिन फेसबुक ने अपना सेफ्टी फीचर ऑन नहीं किया जो नेपाल में आए भूकंप और पेरिस हमले के बाद शुरू कर दिया गया था।
फेसबुक ने अभी तक इस फीचर को ब्रसेल्स के लिए एक्टीवेट नहीं किया है। इससे लोगों में गुस्सा और निराशा है। कई लोगों ने ट्विटर पर फेसबुक से इस फीचर को शुरु करने की गुहार लगाई, वहीं कुछ ने गुस्सा भी जाहिर किया। इस फीचर को यूज करने वाले यूजर्स अपनी फ्रेंडलिस्ट के सभी लोगों को नोटिफिकेशन के जरिए बताया जाता है कि आपका दोस्त इस आपदा से सुरक्षित है या उसे आपकी मदद चाहिए।
पिछले साल हुए पेरिस हमलों के बाद भी फेसबुक ने ऐसा ही फीचर शुरू किया था। इसके बाद उसे बड़े स्तर आलोचना भी झेलनी पड़ी थी। लोगों का कहना था कि दूसरे देशों में भी ऐसे हमले होते हैं तो फेसबुक वहां के लिए ऐसे फीचर्स नहीं शुरू करता। इसके बाद फेसबुक फाउंडर मार्क जकरबर्ग ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा कि पहले सेफ्टी चेक फीचर सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं के लिए था पर पेरिस अटैक के बाद से यह फीचर दूसरे बड़े क्राइसिस के लिए भी यूज किया जाएगा।

