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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दक्षिण कोरियाई संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव

By Ravindra Pratap SingEdited By:
Updated: Thu, 08 Dec 2016 05:46 PM (IST)

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क ग्यून हेई के खिलाफ गुरुवार को संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया है जिस पर शुक्रवार को मतदान होगा।

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सियोल, एएफपी/रायटर। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरीं दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति पार्क ग्यून हेई के खिलाफ गुरुवार को संसद में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया है जिस पर शुक्रवार को मतदान होगा। प्रस्ताव पारित होने पर उन्हें पद से हटना पड़ेगा। अगर ऐसा होता है तो वह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई दक्षिण कोरिया की पहली राष्ट्रपति होंगी जो अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाएंगी।

विपक्ष की ओर से नेशनल एसेंबली में पेश किए गए प्रस्ताव में राष्ट्रपति पर भ्रष्टाचार से लेकर संविधान के उल्लंघन और सत्ता के दुरुपयोग करने तक के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रस्ताव पारित हो जाने पर इसे अंतिम मंजूरी के लिए संवैधानिक कोर्ट के पास भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में 180 दिन का वक्त लग सकता है। पार्क ने कहा है कि वह खुद पर महाभियोग चलाने के लिए संसद के फैसले को स्वीकार करेंगी। हालांकि कोर्ट में प्रस्ताव के विचाराधीन रहने तक वह अपने पद पर बनी रहेंगी।

कोरिया में राष्ट्रपति पार्क भी घोटालों में फंसीं

प्रस्ताव के पक्ष में विपक्ष के 171 सांसद हैं जबकि 300 सदस्यीय सदन में इसे दो तिहाई बहुमत से पारित कराने के लिए 29 मतों की और जरूरत पड़ेगी। विपक्ष का मानना है कि प्रस्ताव को पारित कराने के लिए आवश्यक बहुमत मिल जाएगा।

दक्षिण कोरिया की राष्ट्रपति पद छोड़ने को तैयार

64 वर्षीय पार्क को महाभियोग का सामना अपनी सहेली और विश्वासपात्र चोई सून-सिल के चलते करना पड़ रहा है। चोई ने राष्ट्रपति से अपने संबंधों का लाभ उठाया और स्थानीय फर्मो को गैर लाभकारी संस्थाओं को दान देने पर मजबूर किया। 60 वर्षीय चोई पर सरकार के कामकाज में दखल देने का भी आरोप है।