यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दूसरी खोज में भी रोबोट पनडुब्बी असफल
दुर्घटनाग्रस्त मलेशियाई विमान के रहस्य पर से पर्दा हटाने के अभियान को फिर झटका लगा है। रोबोट संचालित पनडुब्बी बुधवार को तकनीकी दिक्कतों के चलते दूसरे ...और पढ़ें

पर्थ। दुर्घटनाग्रस्त मलेशियाई विमान के रहस्य पर से पर्दा हटाने के अभियान को फिर झटका लगा है। रोबोट संचालित पनडुब्बी बुधवार को तकनीकी दिक्कतों के चलते दूसरे अभियान में भी असफल हो गई। इससे हिंद महासागर की तलहटी में विमान का मलबा और ब्लैक बॉक्स की खोज की जा रही है लेकिन वह बगैर कोई महत्वपूर्ण खोज के लौट आई।
ऑस्ट्रेलियाई एजेंसी ज्वाइंट एजेंसी कोआर्डिनेशन सेंटर [जेएसीसी] ने कहा कि तकनीकी दिक्कतों के चलते बुधवार सुबह मानवरहित पनडुब्बी ब्लूफिन-21 फिर सतह पर लाई गई। इससे जो आंकड़े प्राप्त हुए हैं उसके प्रारंभिक विश्लेषण में किसी महत्वपूर्ण खोज के संकेत नहीं मिले हैं। यह दूसरा मौका है जब पानी के अंदर खोज अभियान को झटका लगा है। यह छोटी पनडुब्बी दूसरी बार मंगलवार की शाम समुद्र की तलहटी में ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के जहाज ओशियन शील्ड से उतारी गई थी। जबकि पहली बार यह सोमवार की शाम उतारी गई थी लेकिन छह घंटे बाद ही वह बाहर निकाल ली गई थी। उस समय वह अपनी गहराई क्षमता यानी 4.5 किमी की सीमा पार कर गई थी। इस बीच लापता विमान का हवाई और समुद्री खोज अभियान 40वें दिन भी जारी रहा। बुधवार के अभियान में 11 सैन्य विमान, तीन नागरिक विमान और 11 पोत जुटे रहे।
गौरतलब है कि मलेशियाई एयरलाइन का विमान एमएच370 गत आठ मार्च को उड़ान भरने के एक घंटे बाद ही लापता हो गया था। विमान पांच भारतीय सहित 239 लोगों को लेकर कुआलालंपुर से बीजिंग के लिए उड़ा था।

