Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    जर्मनी: संगीत समारोह स्थल के बाहर सीरियाई युवक ने खुद को उड़ाया

    By kishor joshiEdited By:
    Updated: Tue, 26 Jul 2016 02:10 AM (IST)

    .जर्मनी में एक संगीत समारोह के दौरान एक सीरियाई युवक ने खुद को बम से उड़ा दिया जिसमें 12 लोग घायल हो गए। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    बर्लिन, रायटर। जर्मनी में हिंसक घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में बावेरिआ प्रांत के आंसबाक में 27 वर्षीय एक सीरियाई युवक ने रविवार को संगीत समारोह स्थल के बाहर खुद को बम से उड़ा लिया। धमाके में युवक की मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हो गए।

    घटनास्थल से दो हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। एक सप्ताह के अंदर जर्मनी में हमले की यह चौथी घटना है। आतंकी संगठन आइएस ने हमले की जिम्मेदारी ली है। आंसबाक, न्यूरेमबर्ग के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। यहां अमेरिका का सैन्य अड्डा भी है।

    पढ़ें- शरणार्थियों के वेश में यूरोप में घुस रहे हैं आतंकी: मर्केल

    हमलावर पूर्व में दो बार आत्महत्या का प्रयास कर चुका था। उसकी पहचान उजागर नहीं की गई है। उसे बुल्गारिया प्रत्यर्पित किया जाना था। हमलावर को संगीत समारोह के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। बावेरिआ के आंतरिक मामलों के मंत्री जोयशिम हर्मन का कहना है कि यह आतंकी वारदात हो सकती है। हमलावर सीरियाई युवक दो साल पहले शरण लेने की चाहत में जर्मनी आया था।

    रविवार को ही एक अन्य घटना में एक सीरियाई शरणार्थी ने रूटलिंगन शहर में अंजान महिला की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। गत 17 जुलाई को ईरानी मूल के एक जर्मन सनकी किशोर ने म्यूनिख में ताबड़तोड़ गोलीबारी कर नौ लोगों की हत्या कर दी थी। इससे पहले बावेरिआ में ही शरण पाने की चाहत रखने वाले 17 वर्षीय किशोर ने कुल्हाड़ी से हमला कर पांच को घायल कर दिया था।

    खबरें और भी

    पढ़ें- दुनियाभर में 65 बिलियन से ज्यादा हुई विस्थापितों की जनसंख्या- UN

    शरणार्थी कानून पर सवाल

    हर्मन के मुताबिक, यह बहुत खौफनाक है कि जर्मनी में शरण लेने की चाहत में आए कुछ लोग इस तरह का घृणित काम कर रहे हैं। हमले के बाद जर्मन नागरिकों की सुरक्षा चिंता और बढ़ गई है। चांसलर एंजेला मर्केल की शरणार्थियों के लिए 'खुले द्वार' की नीति भी सवालों के घेरे में है। इसके तहत पिछले साल दस लाख से ज्यादा लोगों को शरण दी जा चुकी है।