यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
संसद पर हमले के बाद लीबिया की राजधानी में तनाव
त्रिपोली। संसद पर हुए हमले के दूसरे दिन भी लीबिया की राजधानी में तनाव बरकरार है। एक दिन पहले पूर्व तानाशाह गद्दाफी के वफादार बलों ने संसद पर धावा बोलन ...और पढ़ें

त्रिपोली। संसद पर हुए हमले के दूसरे दिन भी लीबिया की राजधानी में तनाव बरकरार है। एक दिन पहले पूर्व तानाशाह गद्दाफी के वफादार बलों ने संसद पर धावा बोलने के बाद दावा किया कि उन्होंने सदन को निलंबित कर दिया है। तीन साल पहले तानाशाह मुनव्वर गद्दाफी को अपदस्थ किया गया था।
लीबिया के नेतृत्व ने रविवार को हुए हमले की निंदा की है। इसमें दो लोगों के मारे जाने और 50 से अधिक के घायल होने की खबर है। हमले के दौरान मिलिशिया के सदस्यों को एंटी एयरक्राफ्ट गन, मोर्टार और राकेट से युक्त ट्रक के साथ देखा गया। त्रिपोली के बीचों बीच स्थित संसद की इमारत पर हमले के समय सांसदों को अपनी जान बचाकर भागते हुए देखा गया जबकि बंदूकधारी उन्हें खोज रहे थे।
घटना के कुछ घंटे बाद सैन्य पुलिस के एक कमांडर ने एक बयान पढ़ते हुए संसद को निलंबित किए जाने की घोषणा की। इसकी घोषणा जनरल खलीफा हिफ्तेर की अगुवाई वाले एक समूह की तरफ से की गई। एक समय विद्रोही कमांडर रहे हिफ्तेर ने कहा कि 1990 के दशक में गद्दाफी को हटाने के लिए उनकी कोशिशों को अमेरिका ने समर्थन दिया था।

