यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ढाका हमला: जिन्हें नहीं आती थी कुरान की आयतें, उन्हें मार दी गोली
आतंकियों ने बंधक बनाए गए लोगों में से एक-एक करके परित्र कुरान की आयतें सुनाने के लिए कहा और जो लोग आयतें सुना पाए उन्हें इज्जत के साथ अलग कर दिया

ढाका। शनिवार को बांग्लादेश के शहर ढाका में आतंकियों के भीषण नरसंघार ने 20 निर्देष जिंदगियों को मौत की नींद सुला दिया। घटना के बाद से कई प्रत्यक्षदर्शी सामने आ रहे हैं जो घटना वाली रात का हर एक मंजर बता रहे हैं वो रात जो शायद उनकी जिंदगी की सबसे खौफनाक रात होगी और जिसे वो मरते दम तक भूल नहीं पाएंगे।
जिन्हें कुरान की आयतें नहीं आती थी उन्हें मार दी गोली
रेस्तरां से छुड़ाए गए एक प्रत्यक्षतर्शी के मुताबिक आतंकियों ने बंधक बनाए गए लोगों में से एक-एक करके परित्र कुरान की आयतें सुनाने के लिए कहा और जो लोग आयतें सुना पाए उन्हें इज्जत के साथ अलग कर दिया और जो ऐसा नहीं कर पाए उन्हें गोली मार दी।
समाचारपत्र ‘डेली स्टार’ ने एक बंधक के पिता के हवाले से कहा है, जिन आतंकियों ने होली आर्टिसन बेकरी पर हमला किया था, उन लोगों ने बंधक बनाए गए लोगों की धार्मिक पहचान की जांच की थी. इसके लिए उन लोगों ने उनसे कुरान की आयतें पढ़ने के लिए कहा था।
आतंकियों के कबजे में रहे हसनात करीम के पिता रिजाउल करीम ने कहा कि आतंकियों ने बांग्लादेशी नागकरिकों के साथ भी खराब व्यवहार नहीं किया और उनको रात का खाना भी खिलाया।
अल्लाहु अकबर कहकर गोलियां चलाते हुए रेस्तरां में घुसे थे आतंकी
भागने में कामयाब रहे रेस्तरां की देखभाल करने वाले सुमन रेजा ने बांग्लादेश के एक समाचार चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि , उन लोगों ने रास्ते में चिल्लाकर अल्लाहु अकबर कहा और अंदर बैठे लोगों पर गोलियां चलानी शुरू कर दी. उनमें कई विदेशी थे।

