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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 19, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पाकिस्तानी अखबार ने भी लखवी की बेल का किया विरोध

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Fri, 19 Dec 2014 06:09 PM (IST)

पाकिस्तानी अखबार द नेशन ने शुक्रवार को अपने संपादकीय में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर्रहमान लखवी को जमानत पर छोड़े जाने की कड़ी निंदा करते हुए उसे वापस जेल में डालने की पैरवी की है।

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इस्लामाबाद। पाकिस्तानी अखबार द नेशन ने शुक्रवार को अपने संपादकीय में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकीउर्रहमान लखवी को जमानत पर छोड़े जाने की कड़ी निंदा करते हुए उसे वापस जेल में डालने की पैरवी की है।

पाकिस्तानी अखबार का कहना है कि लश्कर आतंकी लखवी को जमानत पर छोड़ना दरअसल पेशावर में मारे गए छात्रों का अपमान है। इस फैसले को तुरंत बदलना चाहिए। द नेशन के अनुसार पाक अदालत का लखवी को आजाद करना आतंकवादियों के बीच भेद करने के पाकिस्तान के वादे को झुठलाता है। साथ ही पेशावर हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बने एकजुटता के संबंध में भी दरार आएगी।

जब पूरे पाकिस्तान में कट्टरता के खिलाफ माहौल बन रहा है तो ये फैसला उसके एकदम खिलाफ जा रहा है। ये सिर्फ बेहद खराब फैसला ही नहीं बल्कि इससे मुल्क को भी खासा नुकसान होगा। चूंकि ये फैसला अपने आप में पेशावर में शहीद हुए बच्चों की बेइज्जती है। संपादकीय में कहा गया है कि एक तरफ तो सारा मुल्क सभी किस्म के आतंकवादियों को फांसी की सजा देने की बात कर रहा है, दूसरी तरफ आतंकी हमले की साजिश करने वाले को जमानत पर छोड़ा जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि पाक मीडिया के दबाव ने भी पाकिस्तान सरकार के रवैये पर असर डाला और वह अपना फैसला बदलने पर मजबूर हुआ। मास्टरमाइंड लखवी की साजिश से मुंबई हमले में 166 लोगों की हत्या की गई थी।

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