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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'पूरी दुनिया में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए'

By Manoj YadavEdited By:
Updated: Sat, 16 Jan 2016 06:40 PM (IST)

अमेरिका समेत पूरी दुनिया में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों रक्षा होनी चाहिए।

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वाशिंगटन। अमेरिका समेत पूरी दुनिया में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों रक्षा होनी चाहिए। यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने देश के धार्मिक स्वतंत्रता दिवस पर कही है। ओबामा का यह बयान अमेरिकी प्रशासन के उस कथन के बाद आया है जिसमें कहा गया कि भारत में मुस्लिम और बांग्लादेश व पाकिस्तान में हिंदू मुश्किलों का सामना कर रहे हैं, उन्हें धमकियां दी जा रही हैं।

ओबामा ने हालांकि कि अपने भाषण में किसी देश की स्थितियों का उल्लेख नहीं किया। कहा, उनकी सरकार पूरी दुनिया में धार्मिक स्वतंत्रता बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रही है। हम एक बड़ा गठबंधन बनाकर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ सभी तरह की हिंसा का विरोध करते हैं और उसे रोकने के लिए प्रयास करते हैं।

इस कार्य में धार्मिक और सामाजिक नेताओं की भूमिका का भी इस्तेमाल किया जाता है। ओबामा ने कहा, यह कार्य मुश्किल है। हाल में हुई घटनाओं को देखने से पता चलता है कि पूरी दुनिया में पूजा स्थलों पर हमले बढ़े हैं। बच्चे और बुजुर्गों पर केवल इसलिए हमला हुआ क्योंकि वे अन्य धर्मों को मानने वाले थे।

धार्मिक भावनाओं का दमन करने वाले तरीकों को दरकिनार करने की आवश्यकता पर बल देते हुए ओबामा ने कहा, दुनिया के देशों की सरकारों को मिल-जुलकर धार्मिक स्वतंत्रता का ऐसा वातावरण बनाना चाहिए जिसमें सभी मान्यताओं को मानने वाले लोग सुकून से रह सकें। सभी लोग हर तरह के भय और हिंसा से मुक्त रहने चाहिए।

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इससे पहले ओबामा प्रशासन में धार्मिक अल्पसंख्यक मामलों के विशेष सलाहकार नोक्स टेम्स से एक ब्लॉग के माध्यम से मध्य-पूर्व में ईसाइयों, इराक में यजिदी समुदाय, पाकिस्तान व बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और भारत में मुस्लिमों को मिल रही धमकियों का जिक्र किया था।

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