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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    दुनिया में पहली बार जन्मी तीन लोगों की एक संतान, जानकर हैरान रह जाएंगे

    By Sanjeev TiwariEdited By:
    Updated: Wed, 28 Sep 2016 06:16 AM (IST)

    एक नई विवादास्पद तकनीक के जरिए अमेरिकी वैज्ञानिकों ने पहली बार दुनिया में तीन लोगों की एक संतान का जन्म कराया है। ...और पढ़ें

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    मियामी, एएफपी। एक नई विवादास्पद तकनीक के जरिए अमेरिकी वैज्ञानिकों ने पहली बार दुनिया में तीन लोगों की एक संतान का जन्म कराया है। इस नई तकनीक में भ्रूण में तीन माता-पिता के डीएनए को शामिल किया गया है। न्यू साइंटिस्ट मैग्जीन की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्डन के एक दंपती ने पांच माह पहले मेक्सिको में अपनी इस अनूठे बालक को जन्म दिया।

    बच्चा स्वस्थ है और उसे कोई परेशानी नहीं हुई है। बच्चे की मां के शरीर में लेघ सिंड्रोम नामक बीमारी के जींस थे। इस बीमारी में स्नायु प्रणाली रोगग्रस्त होती है। मां के जरिए ही यह बीमारी उसकी दो पूर्ववर्ती संतानों तक पहुंची थी जिनकी इसी कारण से मौत हो चुकी है। इस महिला का इसीलिए चार बार गर्भपात भी हो चुका था। लिहाजा इस महिला और उसके पति ने न्यूयार्क स्थित न्यू होप फर्टीलिटी सेंटर के डॉक्टर डॉन झैंग से मदद ली। अब यह दंपती उस रोगयुक्त जीन का वाहक नहीं है।

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    उल्लेखनीय है कि अमेरिका में तीन माता-पिता की संतान को इस अवैध वैज्ञानिक विधि से जन्म देने की स्वीकृति नहीं है। इस विधि के जरिए रोग युक्त माइटोकांड्रिया मां के जीन से हटाया गया। वैज्ञानिक झैंग ने मां के डीएनए के नाभिकीय का ही इस्तेमाल किया और इसे दानकर्ता के अंडाणु से जोड़ दिया। स्पिंडल न्यूक्लीयर ट्रांसफर की इस तकनीक में मां और दानकर्ता के दो अंडाणुओं का इस्तेमाल किया गया। फिर इसे निषेचित करके इसका संपर्क पिता के शुक्राणु से कराया गया।

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